Bareilly: ओसवाल मिल पर लगा ताला, कर्मचारियों को बाहर निकलवाकर कटवाई बिजली, अब होगी नीलामी

बरेली के नवाबगंज में किसानों के करीब 74 करोड़ रुपये के गन्ना भुगतान से जुड़ा मामला अब बड़े प्रशासनिक एक्शन तक पहुंच गया है। गुरुवार को प्रशासनिक टीम अचानक ओसवाल चीनी मिल पहुंची और कर्मचारियों व परिसर में रह रहे परिवारों को बाहर निकलवाकर मिल में ताला लगवा दिया। इतना ही नहीं, बिजली कनेक्शन भी काट दिया गया।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 2 October 2026, 2:08 AM IST
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Bareilly: किसानों के गन्ने का करीब 74 करोड़ रुपये भुगतान अटकाने वाली नवाबगंज की ओसवाल चीनी मिल पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। गुरुवार को एसडीएम के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम मिल पहुंची। कर्मचारियों और परिसर में रहने वाले परिवारों को बाहर निकालकर मिल में ताला लगवा दिया गया। बिजली कनेक्शन भी कटवा दिया गया।

प्रशासन ने नीलामी की झंडी लगाकर 22 अक्तूबर को मिल की नीलामी की तारीख तय कर दी है। मिल का मूल्यांकन करीब 180 करोड़ रुपये किया गया है।

बरेली नवाबगंज तहसील क्षेत्र के औरंगाबाद गांव स्थित ओसवाल चीनी मिल पर किसानों का लंबे समय से गन्ना मूल्य बकाया है। भुगतान नहीं होने पर प्रशासन पहले ही आरसी जारी करने और भूमि कुर्क करने की कार्रवाई कर चुका था। इसके बावजूद किसानों का बकाया नहीं चुकाया गया।

गुरुवार को एसडीएम नवाबगंज सचिन यादव, जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सिंह, तहसीलदार सतेंद्र कटियार और नायब तहसीलदार शुभम पांडेय सरकारी अमले के साथ मिल पहुंचे। अधिकारियों ने कर्मचारियों और मजदूरों को परिसर से बाहर कराया और मुख्य गेट पर ताला लगवा दिया।

 आवास खाली करने को दिए तीन घंटे

प्रशासन ने विद्युत निगम के जेई को मौके पर बुलाकर मिल की बिजली भी कटवा दी। परिसर में बने आवासों में रह रहे परिवारों को तीन घंटे के भीतर मकान खाली करने के निर्देश दिए गए। मिल मालिक के आवास पर भी ताला लगा दिया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से कर्मचारियों और मिल प्रबंधन में खलबली मच गई।

अधिकारियों ने साफ कर दिया कि अब प्रशासन की अनुमति के बिना मिल परिसर में किसी कर्मचारी को प्रवेश नहीं मिलेगा। नीलामी तक परिसर प्रशासन की निगरानी में रहेगा।

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किसानों के 74 करोड़ फंसे

ओसवाल चीनी मिल पर वर्ष 2023-24 में किसानों का 107.12 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया था। इसमें से 91.64 करोड़ रुपये का भुगतान कराया गया। इसके बाद वर्ष 2024-25 में मिल ने किसानों से 39.45 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया। पुराना बकाया, नया भुगतान और ब्याज मिलाकर अब किसानों की करीब 74 करोड़ रुपये की रकम मिल पर बकाया बताई जा रही है।

वहीं किसानों का भुगतान नहीं होने पर प्रशासन ने मिल की नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। करीब दो सप्ताह पहले पुणे, महाराष्ट्र से आई तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने मिल की संपत्तियों का मूल्यांकन किया। टीम ने पूरी मिल का मूल्य करीब 180 करोड़ रुपये आंका है। अब परिसर में नीलामी की झंडी लगा दी गई है। 22 अक्तूबर को नीलामी प्रस्तावित है। प्रशासन का उद्देश्य नीलामी की प्रक्रिया के जरिए किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराना है।

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गुरुद्वारे के जत्थेदार और मंदिर के पुजारी को छूट

मिल परिसर में स्थित गुरुद्वारे के जत्थेदार और मंदिर के पुजारियों के आने-जाने पर रोक नहीं लगाई गई है। इनके अलावा किसी कर्मचारी को प्रशासन की अनुमति के बिना परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा। सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती भी की जाएगी। मिल प्रबंधन के सुरक्षा कर्मचारी गेट के बाहर रह सकेंगे।

एसडीएम सचिन यादव ने बताया कि किसानों के बकाया गन्ना मूल्य को लेकर ओसवाल चीनी मिल परिसर में नीलामी की झंडी लगा दी गई है। मिल का मूल्यांकन 180 करोड़ रुपये किया गया है और 22 अक्तूबर को नीलामी होगी। तब तक मिल में तालाबंदी रहेगी और प्रशासन की अनुमति के बिना किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा।

Location :  Bareilly

Published :  2 October 2026, 2:08 AM IST

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