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देवघर में 5 साइबर आरोपी गिरफ्तार (IMG: Dynamite News)
Deoghar: साइबर ठगी करने वाले जालसाज लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए अब सिर्फ बैंक या OTP का सहारा नहीं ले रहे, बल्कि फर्जी कस्टमर केयर से लेकर सरकारी योजनाओं तक के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। देवघर पुलिस ने सारठ थाना क्षेत्र से जुड़े साइबर ठगी के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी Flipkart, Amazon Pay, Airtel Payment Bank और फर्जी Customer Care के नाम पर लोगों को फोन कर ठगी करते थे। इसके अलावा PM Kisan Yojna, बिजली बिल और RTO Challan के नाम पर APK फाइल या लिंक भेजकर मोबाइल की जानकारी हासिल करने की कोशिश भी की जाती थी।
देवघर पुलिस के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में साइबर थाना और सारठ थाना पुलिस की टीम ने कार्रवाई की। पुलिस ने 27 सितंबर 2026 को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ की गई और उनके पास से मिले मोबाइल फोन तथा सिम कार्ड को तकनीकी जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी अलग-अलग कंपनियों के फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करते थे। इनमें Flipkart, Amazon Pay और Airtel Payment Bank जैसी सेवाओं के नाम का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि ठग Google पर भी फर्जी Customer Care नंबर उपलब्ध कराते थे। जब कोई ग्राहक किसी समस्या के समाधान के लिए इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर तलाशता था, तो वह नंबर ठगों तक पहुंच सकता था। इसके बाद आरोपी खुद को संबंधित कंपनी का अधिकारी बताकर बातचीत शुरू करते थे।
साइबर ठगी के इस मामले में सरकारी योजनाओं और रोजमर्रा की सेवाओं के नाम पर लोगों को डराने या लालच देने की बात भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी PM Kisan Yojna, बिजली बिल और RTO Challan के नाम पर APK फाइल भेजते थे। ठग लोगों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश करते थे कि फाइल खोलने या लिंक पर कार्रवाई करने से उन्हें सरकारी योजना का लाभ मिलेगा, बिजली बिल से जुड़ी समस्या दूर हो जाएगी या चालान का निपटारा हो जाएगा। इसके बाद कथित तौर पर मोबाइल का एक्सेस हासिल करने की कोशिश की जाती थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने Airtel Payment Bank के नाम का भी इस्तेमाल किया। कथित तौर पर खुद को बैंक का अधिकारी बताकर उपभोक्ताओं से संपर्क किया जाता था। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने Airtel Thanks App के जरिए Payment Bank कार्ड बंद होने की बात कहकर लोगों को परेशान करने की कोशिश की। इसके बाद कार्ड दोबारा चालू कराने या सहायता देने के नाम पर उन्हें अपने जाल में फंसाने का आरोप है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन और आठ सिम कार्ड बरामद किए हैं। इन उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मोबाइल नंबर और IMEI नंबरों की जांच के दौरान विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों से इनके संबंध होने की जानकारी सामने आई है। अगर जांच में यह कनेक्शन पुष्ट होता है तो मामले का दायरा देवघर तक सीमित नहीं रहेगा। पुलिस दूसरे राज्यों में दर्ज मामलों और बरामद मोबाइल से मिले डिजिटल सबूतों के आधार पर नेटवर्क की आगे की कड़ियां जोड़ रही है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में सरफराज आलम, उम्र करीब 30 वर्ष, निवासी बरमसिया, थाना सारठ; विजय कुमार दास, उम्र करीब 21 वर्ष, निवासी सिमरतरी, थाना पाथरोल; शिवम कुमार दास, उम्र करीब 19 वर्ष, निवासी चकरमा, थाना सारठ; नितेश कुमार दास, उम्र करीब 19 वर्ष, निवासी पथराडीह, सारठ क्षेत्र और अभय कुमार दास, उम्र करीब 24 वर्ष, निवासी सुखसागर दास, लेड़वा, थाना पाथरोल शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
इस पूरी कार्रवाई में साइबर थाना देवघर के पुलिसकर्मियों के साथ सारठ थाना प्रभारी दीपक कुमार साह और सारठ थाना की टीम शामिल रही। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और जब्त मोबाइल फोन तथा सिम कार्ड की तकनीकी जांच की जा रही है। जांचकर्ताओं की नजर इस बात पर भी है कि बरामद मोबाइल से किन लोगों से संपर्क किया गया था और कथित तौर पर ठगी के लिए किन नंबरों या डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था।
Location : Deoghar
Published : 28 September 2026, 1:50 PM IST