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RJD ने किया प्रदर्शन(IMG: Dynamite News)
Deoghar: बिहार से शुरू हुआ विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण यानी SIR और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक विरोध अब झारखंड के देवघर तक पहुंच गया है। शुक्रवार को बिहार के विभिन्न जिलों में RJD के प्रदर्शन के अगले ही दौर में देवघर में भी राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाकर विरोध जताया।
देवघर में आयोजित प्रदर्शन में स्थानीय विधायक और राजद विधायक दल के नेता सुरेश पासवान के साथ पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ. फणीभूषण यादव, पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
RJD ने 25 सितंबर को बिहार के अलग-अलग जिलों में SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। पार्टी ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। बिहार में हुए प्रदर्शनों के दौरान RJD ने बिहार और पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में चुनाव दोबारा कराने की मांग भी उठाई।
इसी राजनीतिक विरोध की कड़ी में देवघर में भी RJD कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया गया और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारे लगाए गए।
देवघर के स्थानीय विधायक सुरेश पासवान ने कहा कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े पूरे मामले को लेकर पार्टी का विरोध आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और उन्हें पद से हटाने की दिशा में कदम नहीं उठाया जाता, तब तक RJD अपना आंदोलन जारी रखेगी।
विधायक सुरेश पासवान ने कहा कि यह सिर्फ किसी एक राजनीतिक दल का मामला नहीं है, बल्कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब निर्वाचन आयोग को देना चाहिए।
पासवान ने कहा कि RJD इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर राजनीतिक स्तर तक अपना विरोध दर्ज कराती रहेगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
राजद के देवघर जिलाध्यक्ष डॉ. फणीभूषण यादव ने कहा कि SIR को लेकर देशभर में जिस तरह के सवाल उठ रहे हैं, उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि मतदाता लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है और मतदाता सूची से जुड़े किसी भी बदलाव में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।
डॉ. यादव ने कहा कि RJD लोकतांत्रिक तरीके से इस मुद्दे को लेकर अपना विरोध जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता गांव से लेकर शहर तक लोगों के बीच इस मुद्दे को लेकर जागरूकता फैलाएंगे और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को मजबूती से उठाएंगे।
प्रदर्शन के दौरान राजद के जिला और प्रखंड स्तर के पदाधिकारी, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दरअसल, SIR को लेकर विवाद उस समय और तेज हुआ जब द इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले दस महीनों में कम-से-कम 14 बार निर्वाचन आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई। इन आपत्तियों में मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और बहाल करने, फॉर्म-6 में बदलाव तथा मतदाता डेटाबेस के संचालन जैसे मुद्दे शामिल बताए गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ फैसलों को लेकर जानकारी और प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। हालांकि, इन घटनाक्रमों की अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याएं सामने आई हैं और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर चल रही बहस के बीच आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
इस मुद्दे पर विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं। वहीं, निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर उठे सवालों पर राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस जारी है।
ऐसे में देवघर में RJD का प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि SIR और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर चल रही राष्ट्रीय राजनीतिक बहस अब झारखंड के संताल परगना तक भी पहुंच चुकी है।
देवघर में विधायक सुरेश पासवान के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में RJD ने साफ कर दिया कि वह इस मुद्दे को स्थानीय स्तर पर भी उठाती रहेगी। पार्टी नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक विरोध का सिलसिला जारी रहेगा।
Location : Deoghar
Published : 26 September 2026, 7:14 PM IST