कौन हैं यूपी के सीनियर एडवोकेट प्रदीप राय, जो चुने गए सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप राय ने SCBA अध्यक्ष पद का चुनाव जीत लिया है। जानिए उनकी शिक्षा, कानूनी करियर, संगठन में भूमिका और दूसरी कोशिश में मिली इस बड़ी जीत की पूरी कहानी।

Updated : 19 August 2026, 9:04 AM IST
google-preferred

Kushinagar: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से निकलकर देश की सर्वोच्च अदालत में अपनी पहचान बनाने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप कुमार राय अब सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष चुने गए हैं। उन्होंने अध्यक्ष पद के चुनाव में 822 वोट हासिल किए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी वरिष्ठ अधिवक्ता अनुपम लाल दास को 371 वोट से हराया। राय को 822, जबकि दास को 451 वोट मिले। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि राय इससे पहले भी SCBA अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ चुके हैं।

BHU से कानून की पढ़ाई, 90 के दशक से वकालत

प्रदीप राय की शुरुआती पृष्ठभूमि उत्तर प्रदेश से जुड़ी है। उनका जन्म कुशीनगर में हुआ। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से एमए और एलएलबी की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट समेत विभिन्न हाई कोर्ट, आयोगों, नियामक संस्थाओं और ट्रिब्यूनल में वकालत की। उपलब्ध प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें सुप्रीम कोर्ट में 25 साल से अधिक का पेशेवर अनुभव है और उनका काम सिविल, क्रिमिनल, रेवेन्यू तथा संवैधानिक मामलों तक फैला है।

Budaun: अरिल नदी में युवकों की मस्ती मातम में बदली, घंटों बाद मिली दिल दहला देने वाली खबर

2015 में बने वरिष्ठ अधिवक्ता

प्रदीप राय को 2015 में वरिष्ठ अधिवक्ता के तौर पर नामित किया गया। अपने लंबे कानूनी करियर में वह केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों की ओर से अदालतों में पेश हो चुके हैं। उनके प्रोफाइल के अनुसार उन्होंने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और आंध्र प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से जुड़े मामलों में पैरवी की है। इसके अलावा कॉरपोरेट संस्थानों, राजनेताओं, मुख्यमंत्रियों और फिल्म जगत से जुड़े चर्चित लोगों के मामलों में भी वह वकील के तौर पर पेश हुए हैं।

SCBA में पहले भी संभाल चुके हैं बड़ी जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन में प्रदीप राय की सक्रियता नई नहीं है। वह 2020-21 और 2021-22 में लगातार दो कार्यकाल तक SCBA के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने शिकायत निवारण, ई-कमेटी, हेल्थ, हाउसिंग, बार कोऑर्डिनेशन और कल्चरल कमेटी जैसी कई समितियों की जिम्मेदारी संभाली। वकीलों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं, आवास, यात्रा और पेशेवर प्रशिक्षण जैसी योजनाओं पर भी उन्होंने काम किया।

2024 में कपिल सिब्बल से मिली थी हार

SCBA अध्यक्ष बनने की उनकी कोशिश पहली बार सफल नहीं हुई। 2024 के चुनाव में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने उन्हें हराया था। उस चुनाव में सिब्बल को 1,066 वोट मिले थे, जबकि प्रदीप राय 689 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। इसके बाद राय ने दोबारा चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया।

सीतापुर में प्रेम संबंध का खूनी अंत! युवती की मौत, युवक ने भी जहरीला पदार्थ खाकर दी जान देने की कोशिश

2025 में भी लड़े थे चुनाव

राय ने 2025 में भी SCBA अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में वह विकास सिंह से मुकाबले में पीछे रह गए थे। चुनाव प्रक्रिया को लेकर बाद में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी मामला पहुंचा और मतों की दोबारा गिनती कराई गई, हालांकि इससे अंतिम नतीजे में बदलाव नहीं हुआ।

वकीलों के कल्याण को बनाया चुनावी मुद्दा

इस बार के चुनाव प्रचार में प्रदीप राय ने बार से जुड़े कल्याणकारी मुद्दों को प्रमुखता दी। उन्होंने SCBA सदस्यों के लिए 50 लाख रुपये तक का मेडिकल सुरक्षा कवर उपलब्ध कराने और वकीलों के बच्चों के लिए मेरिट आधारित छात्रवृत्ति शुरू करने का वादा किया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में लागू सीक्वेंसिंग सिस्टम को खत्म करने की पैरवी भी की।

दूसरी कोशिश में मिली बड़ी जिम्मेदारी

इस जीत के साथ प्रदीप राय ने न सिर्फ अपने पुराने चुनावी प्रयासों को सफलता में बदला है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के सबसे महत्वपूर्ण पेशेवर संगठनों में से एक की कमान भी संभाली है। उनके साथ वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल कौशिक उपाध्यक्ष, अधिवक्ता प्रज्ञा बघेल सचिव और मुनीश दुबे संयुक्त सचिव चुने गए हैं। चुनाव में करीब 82 प्रतिशत मतदान हुआ। अब राय के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने चुनावी वादों को अमल में लाने और SCBA सदस्यों के कल्याण से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने की होगी।

Location :  Kushinagar

Published :  19 August 2026, 9:04 AM IST

Related News

Advertisement