पक्की छतें भी बड़ा खतरा? महुली हादसे में मौतों के बाद उठा सवाल; क्या कागज़ी नियमों में उलझी सुरक्षा?

प्रतापगढ़ के महुली वार्ड में मकान हादसे के बाद जर्जर पक्के मकानों में रह रहे गरीब परिवारों की समस्या सामने आई है। पक्का मकान होने के कारण कई पात्र लोगों को आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा। प्रशासन ने शहर में 457 अति जर्जर भवन चिन्हित किए हैं।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 7 August 2026, 8:06 PM IST
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Pratapgarh: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के महुली वार्ड में हुए मकान हादसे ने गरीब और असहाय परिवारों की स्थिति के साथ-साथ सरकारी आवास योजनाओं की जमीनी हकीकत भी उजागर कर दी है। कई गरीब परिवार ऐसे जर्जर पक्के मकानों में रहने को मजबूर हैं, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। बावजूद इसके, केवल पक्का मकान होने के कारण उन्हें प्रधानमंत्री आवास या मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाता।

पक्की छत बनी सरकारी योजनाओं में बाधा

केंद्र और राज्य सरकार की ओर से गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना सहित कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। लेकिन इन योजनाओं की पात्रता शर्तों के चलते जर्जर पक्के मकानों में रहने वाले कई जरूरतमंद परिवार लाभ से वंचित रह जाते हैं। ऐसे परिवार मजबूरी में असुरक्षित मकानों में जीवन बिताने को विवश हैं।

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गाइडलाइन के कारण नहीं मिल पाता लाभ

डायनामाइट न्यूज से बातचीत में नाम न छापने की शर्त पर एक प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार कच्चे मकानों, टीन शेड में रहने वाले और बेघर परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। कई बार जर्जर पक्के मकान में रहने वाले परिवारों का नाम प्रस्तावित किया जाता है, लेकिन आसपास के लोगों के विरोध के कारण यह कहते हुए आपत्ति दर्ज करा दी जाती है कि उनके पास पहले से पक्का मकान है। ऐसे में प्रशासन चाहकर भी उन्हें योजना का लाभ नहीं दे पाता।

महुली हादसे के बाद प्रशासन हुआ सतर्क

महुली वार्ड में मकान हादसे के बाद जिला प्रशासन ने जर्जर भवनों का सर्वे कराया है। सर्वे में शहरी क्षेत्र के 457 अति जर्जर मकान चिन्हित किए गए हैं। प्रशासन अब इन भवनों को लेकर आगे की कार्रवाई और प्रभावित परिवारों को राहत देने की दिशा में काम कर रहा है।

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आवास उपलब्ध कराने की चुनौती

महुली हादसे ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जर्जर पक्के मकानों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित आवास कैसे उपलब्ध कराया जाए। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन चिन्हित परिवारों को वैकल्पिक आवास या सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में कितना सफल हो पाता है।

Location :  Pratapgarh

Published :  7 August 2026, 8:06 PM IST

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