कोतवाली के शौचालय में युवक की मौत से उबाल: प्रतापगढ़ के पट्टी में अंतिम संस्कार पर अड़े परिजन, छावनी बना गांव

प्रतापगढ़ की पट्टी कोतवाली के भीतर शौचालय में युवक अर्जुन की संदिग्ध मौत का मामला मंगलवार को तूल पकड़ गया। आक्रोशित परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार से इनकार करने और वकीलों द्वारा तहसील व कोतवाली में तालाबंदी किए जाने के बाद गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 22 September 2026, 12:41 PM IST
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Pratapgarh: पट्टी कोतवाली के भीतर शौचालय में फांसी के फंदे से लटककर अर्जुन की मौत का मामला मंगलवार को बेहद गरमा गया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने विभिन्न मांगों को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से साफ मना कर दिया, जिसके बाद पूरे इलाके में प्रशासनिक अमले के हाथ-पांव फूल गए। स्थिति की संवेदनशीलता और बढ़ते तनाव को देखते हुए मृतक के गांव मोलनापुर को पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया गया है। गांव के चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल मुस्तैद है।

दूसरी ओर बढ़ते जन-आक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने आनन-फानन में मृतक के पिता की तहरीर पर लड़की (प्रेमिका) के पिता, भाई और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

DM और SP को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े परिजन

सोमवार को कोतवाली के शौचालय में अर्जुन की संदिग्ध मौत की खबर के बाद मंगलवार सुबह से ही मोलनापुर गांव में सन्नाटा और तनाव पसरा रहा। पट्टी एसडीएम, सीओ पट्टी और सीओ सदर आशुतोष मिश्र करीब एक दर्जन थानों की भारी पुलिस फोर्स और पीएसी के साथ गांव में डटे रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को समझाने और अंतिम संस्कार के लिए मनाने की घंटों कोशिश की, लेकिन मृतक के परिजन अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। परिजनों का साफ कहना था कि जब तक जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) खुद मौके पर आकर उन्हें उचित न्याय और मुआवजे का ठोस आश्वासन नहीं देते, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

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नेताओं की नजरबंदी, भीम आर्मी और बसपा अध्यक्ष पहुंचे गांव

मामले को राजनीतिक और सामाजिक रूप से तूल पकड़ता देख प्रशासन ने एहतियातन इलाके के कुछ स्थानीय सक्रिय नेताओं को उनके घरों में ही हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर दिया। इसके बावजूद, सुरक्षा घेरे को दरकिनार करते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के जिलाध्यक्ष और भीम आर्मी के तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता मोलनापुर गांव पहुंच गए। ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों की मौजूदगी के चलते गांव में माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है।

तहसील में वकीलों का फूटा गुस्सा, ऐतिहासिक तालाबंदी

इस घटना का सीधा असर पट्टी तहसील में भी देखने को मिला, जहां वकीलों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। अधिवक्ताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली के विरोध में तहसील परिसर के मुख्य द्वारों पर तालाबंदी कर दी और 'पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद' के गगनभेदी नारे लगाए। इस विरोध प्रदर्शन के कारण तहसील से लेकर रजिस्ट्री कार्यालय तक का सारा कामकाज पूरी तरह ठप रहा।

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तनाव और वकीलों के उग्र रुख को देखते हुए पट्टी कोतवाली के इतिहास में संभवतः पहली बार ऐसा हुआ जब पुलिसकर्मियों ने खुद सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए कोतवाली के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। पूरे दिन तहसील और कोतवाली के इर्द-गिर्द वकीलों और सुरक्षाबलों की आवाजाही से माहौल पूरी तरह गरमाया रहा।

तहरीर पर पुलिसकर्मियों समेत लड़की पक्ष पर FIR

परिजनों और ग्रामीणों के कड़े रुख के आगे झुकते हुए पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। मृतक अर्जुन के पिता लल्लू राम गौतम की ओर से दी गई लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्रेमिका के पिता संतोष दुबे, उसके भाई अनीश दुबे , सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ लापरवाही और प्रताड़ना सहित अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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फिलहाल एक तरफ जहां गांव में शव के अंतिम संस्कार को लेकर गतिरोध और गतिहीनता बरकरार है, वहीं दूसरी तरफ तहसील में अधिवक्ताओं के इस तीखे विरोध ने जिले के आला प्रशासनिक अधिकारियों के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की एक नई और बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

Location :  Pratapgarh

Published :  22 September 2026, 12:41 PM IST

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