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प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest)
Azamgarh: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव में मंगलवार शाम पूजा-पाठ के दौरान विवाद ने खूनी रूप ले लिया। पुलिस के अनुसार, अरविंद सिंह ने कथित तौर पर अपनी पत्नी बबीता और पूजा करा रहे दो पुरोहितों महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा को गोली मार दी। तीनों की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी अपने बच्चों के साथ घर के एक कमरे में बंद हो गया।
स्थानीय जानकारी और पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, घर में शांति के लिए पूजा कराई जा रही थी। अरविंद इस पूजा का विरोध कर रहा था। मंगलवार शाम घर लौटने के बाद उसने पूजा करा रहे पुरोहितों से सवाल-जवाब शुरू किया। इसी दौरान विवाद बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पुरोहितों से आधार कार्ड दिखाने को भी कहा था। बहस के बाद उसने कथित तौर पर गोली चला दी।
पुलिस के मुताबिक, फायरिंग में अरविंद की पत्नी बबीता और दो पुरोहित महेंद्र पाठक व अखिलेश मिश्रा की मौत हुई। घटना के दौरान घर में मौजूद कुछ लोग बाहर निकलने में सफल रहे। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद आरोपी बच्चों को लेकर कमरे में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी सुनील कुमार सिंह और एसएसपी अनिल कुमार समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। घर को चारों तरफ से घेर लिया गया। बच्चों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस ने आरोपी को बातचीत के जरिए बाहर लाने की कोशिश की। करीब सात घंटे तक समझाने के बाद भी जब वह बाहर नहीं आया तो विशेष टीम और ATS कमांडो को ऑपरेशन में लगाया गया।
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देर रात पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई हुई। इसमें अरविंद सिंह घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। ऑपरेशन के दौरान उसका आठ वर्षीय बेटा शौर्य भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ और बाद में उसकी भी मौत हो गई। दो बेटियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। पुलिस अब वारदात के कारणों और घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।
Location : Azamgarh
Published : 23 September 2026, 8:29 AM IST