नोएडा में प्राइवेट स्कूलों की दादागिरी पर DM का बड़ा एक्शन, इन बड़े स्कूलों पर ठोका 1 लाख रुपये का जुर्माना

नोएडा में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। तय सीमा से ज्यादा फीस बढ़ाने और नियम उल्लंघन के मामले में जिला फीस रेगुलेटरी कमेटी ने सात नामी प्राइवेट स्कूलों पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाया है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 4 August 2026, 7:42 PM IST
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Noida: नोएडा में जिला प्रशासन ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। गौतम बुद्ध नगर के जिला मजिस्ट्रेट (DM) की अध्यक्षता में जिला फीस रेगुलेटरी कमेटी की बैठक में कई स्कूलों द्वारा बढ़ाई गई फीस की समीक्षा की गई। जांच में पता चला कि कुछ स्कूलों ने सरकार द्वारा तय सीमा से ज्यादा फीस बढ़ाई थी, जबकि एक स्कूल ने अतिरिक्त सालाना फीस भी वसूली थी। नतीजतन, सात प्राइवेट स्कूलों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

किन स्कूलों पर हुई कार्रवाई?

जिला स्कूल निरीक्षक (DIOS) के अनुसार, उत्तर प्रदेश स्व-वित्तपोषित स्वतंत्र स्कूल (फीस विनियमन) अधिनियम, 2018 के तहत, प्राइवेट स्कूलों को 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए ज्यादा से ज्यादा 7.23 प्रतिशत तक फीस बढ़ाने की अनुमति है।

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तय सीमा से ज्यादा बढ़ाई थी फीस

जांच में पाया गया कि एपीजे इंटरनेशनल स्कूल, स्पर्श ग्लोबल स्कूल, रामाग्या स्कूल, विश्व भारती पब्लिक स्कूल, श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल और सेंट जोसेफ स्कूल ने तय सीमा से ज्यादा फीस बढ़ाई थी। पहली बार नियम तोड़ने के लिए इन सभी स्कूलों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

अतिरिक्त फीस वसूलने पर कार्रवाई

इसके अलावा, बाल भारती पब्लिक स्कूल, सेक्टर-21 के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। स्कूल पर आरोप था कि उसने अपनी वेबसाइट पर पिछले सत्र का फीस स्ट्रक्चर अपलोड नहीं किया और कम्पोजिट फीस के अलावा अलग से सालाना फीस वसूली। इस मामले में भी स्कूल पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

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अभिभावकों ने कार्रवाई के असर पर उठाए सवाल

हालांकि, अभिभावक संघों का तर्क है कि सिर्फ जुर्माना लगाने की घोषणा करने से समस्या हल नहीं होगी। उनका आरोप है कि पहले भी कई स्कूलों पर ऐसे जुर्माने लगाए गए हैं, लेकिन न तो कभी जुर्माना जमा किया गया और न ही विभाग ने सख्ती से कार्रवाई की। नतीजतन, ऐसे नोटिस और जुर्माने का जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं दिखता।

पहले भी जुर्माना गया लगाया

मौजूदा जानकारी के अनुसार, पहले भी 66 प्राइवेट स्कूलों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। उस समय, कई स्कूलों ने कोविड-19 महामारी के दौरान दी गई फीस में छूट का हवाला देते हुए अपने फैसले का बचाव किया था। हालांकि कुछ स्कूलों को ज्यादा वसूली गई फीस वापस करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अभिभावकों का कहना है कि न तो अतिरिक्त राशि लौटाई गई और न ही जुर्माना वसूला गया। अब यह देखना बाकी है कि प्रशासन के इस नए कदम का प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूलने के तौर-तरीकों पर क्या असर पड़ता है।

Location :  Noida

Published :  4 August 2026, 7:42 PM IST

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