Delhi Traffic Challan: ट्रैफिक चालान को कोर्ट में चुनौती देना हुआ महंगा, पहले जमा करनी होगी आधी रकम

दिल्ली में गलत ई-चालान को चुनौती देने के लिए पहले संबंधित अथॉरिटी के पास शिकायत करनी होगी। अगर अथॉरिटी चालान को सही मानती है और वाहन मालिक कोर्ट जाना चाहता है, तो उसे कुल चालान राशि का 50 प्रतिशत पहले जमा करना होगा। कोर्ट से चालान रद्द होने पर जमा रकम वापस मिलने की व्यवस्था बताई गई है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 19 September 2026, 8:42 AM IST
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New Delhi:  अगर दिल्ली में आपका ट्रैफिक ई-चालान कट गया है और आपको लगता है कि चालान गलत है, तो उसे चुनौती देने की प्रक्रिया में एक अहम बात जानना जरूरी है। दिए गए नए नियम के मुताबिक, वाहन मालिक सीधे अदालत में जाकर चालान को चुनौती नहीं दे सकता। पहले संबंधित अथॉरिटी के सामने शिकायत या अपील दर्ज करनी होगी। अगर अथॉरिटी चालान को सही मानती है और वाहन मालिक फिर भी कोर्ट जाना चाहता है, तो उसे अदालत की सुनवाई शुरू होने से पहले चालान की कुल रकम का 50 प्रतिशत जमा करना होगा।

पहले अथॉरिटी के पास करनी होगी शिकायत

अगर किसी वाहन मालिक को लगता है कि उसका ई-चालान गलत तरीके से काटा गया है, तो उसे सबसे पहले संबंधित नामित अथॉरिटी के पास शिकायत या अपील दर्ज करनी होगी। इस दौरान वाहन मालिक चालान से जुड़ी अपनी आपत्ति और उपलब्ध जानकारी सामने रख सकता है।

अथॉरिटी शिकायत की जांच के दौरान चालान से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड भी देख सकती है। इनमें सीसीटीवी फुटेज और अन्य कैमरा रिकॉर्ड जैसे इलेक्ट्रॉनिक सबूत शामिल हो सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से ट्रैफिक उल्लंघन दर्ज करने के लिए कैमरा, ANPR और अन्य तकनीकों के इस्तेमाल का प्रावधान केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में किया गया है।

चालान गलत मिला तो यहीं हो सकता है रद्द

अगर अथॉरिटी की जांच में सामने आता है कि चालान गलत तरीके से जारी हुआ था, तो उसे कोर्ट ले जाने की जरूरत नहीं होगी। ऐसी स्थिति में अथॉरिटी स्तर पर ही चालान रद्द किया जा सकता है और वाहन मालिक को पोर्टल के माध्यम से इसकी जानकारी दी जाएगी।

यानी गलत ई-चालान को चुनौती देने का पहला रास्ता विभागीय स्तर पर शिकायत करना है।

कोर्ट जाने से पहले कितनी रकम देनी होगी?

अगर अथॉरिटी जांच के बाद चालान को सही मानती है और वाहन मालिक इससे सहमत नहीं है, तो वह अदालत में इसे चुनौती दे सकता है। लेकिन इसके लिए चालान की कुल राशि का 50 प्रतिशत पहले जमा करना होगा।

उदाहरण के तौर पर—

कुल चालान कोर्ट जाने से पहले 50% जमा
2,000 रूपये  1,000 रूपये 
5,000 रूपये  2,500 रूपये 
10,000 रूपये  5,000 रूपये 

यह रकम जमा करना चालान को स्वीकार करना नहीं माना जाएगा। यह कोर्ट में मामले को आगे बढ़ाने के लिए निर्धारित शर्त के रूप में बताया गया है।

कोर्ट ने चालान रद्द किया तो क्या होगा?

अगर अदालत मामले की सुनवाई के बाद चालान को गलत पाती है और उसे रद्द कर देती है, तो पहले जमा की गई 50 प्रतिशत राशि वापस मिलने का प्रावधान बताया गया है। उदाहरण के लिए, ₹2,000 के चालान पर जमा किए गए ₹1,000 वापस किए जा सकते हैं।

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वहीं, अगर अदालत चालान को सही ठहराती है तो पहले जमा की गई रकम कुल जुर्माने में एडजस्ट होगी और वाहन मालिक को बाकी 50 प्रतिशत राशि का भुगतान करना होगा।

ई-चालान में डिजिटल सबूत की भूमिका

दिल्ली समेत कई जगहों पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रिकॉर्ड करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक निगरानी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। नियमों में इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट डिवाइस के तौर पर स्पीड कैमरा, CCTV, ANPR और अन्य तकनीकों का उल्लेख है।

इसलिए अगर किसी वाहन मालिक को चालान में दर्ज घटना या सबूत पर आपत्ति है, तो उसे पहले संबंधित अथॉरिटी के समक्ष अपनी शिकायत रखनी होगी। अथॉरिटी के फैसले के बाद ही आगे अदालत जाने की प्रक्रिया अपनाई जा सकेगी।

Location :  New Delhi

Published :  19 September 2026, 8:42 AM IST

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