Mirzapur: गंगा में अचानक बढ़ने लगा पानी, घाट पर पहुंचने वालों ने देखा हैरान करने वाला नजारा

मिर्जापुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। 24 घंटे में करीब 2 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। उफनती गंगा में नाव संचालन और स्नान कर रहे लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। नाविकों ने सुरक्षा इंतजामों और संभावित हादसों से बचाव पर जानकारी दी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 7 August 2026, 10:37 AM IST
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Mirzapur: जनपद से होकर बहने वाली गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर करीब 2 सेंटीमीटर की गति से बढ़ा है। नदी में उफान के बीच जहां नावों का संचालन जारी है, वहीं गंगा घाटों पर लोग अब भी स्नान करते नजर आ रहे हैं। ऐसे में लोगों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

लगातार बढ़ रहा गंगा का जलस्तर

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी के आसपास रहने वाले लोगों और नाविकों के लिए सतर्कता जरूरी हो गई है। जलस्तर बढ़ने के साथ नदी का बहाव भी तेज होने की संभावना रहती है। ऐसे में नाव संचालन के दौरान छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

नाविकों से सुरक्षा व्यवस्था पर बातचीत

गंगा में नाव चलाने वाले नाविक गुलाव चंद्र और गोपाल निषाद से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बातचीत की गई। उनसे पूछा गया कि नाव की क्षमता कितनी है और यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखा जाता है।

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नाविकों ने बताया कि बढ़ते जलस्तर के दौरान नाव संचालन में विशेष सावधानी जरूरी है। यात्रियों की संख्या क्षमता के अनुरूप रखना और आकस्मिक स्थिति में बचाव के इंतजाम होना बेहद जरूरी है।

लाइफ जैकेट और बचाव व्यवस्था पर सवाल

गंगा में किसी व्यक्ति के डूबने की स्थिति में उसे तत्काल बचाने के लिए लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि नावों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त लाइफ जैकेट और बचाव सामग्री उपलब्ध है या नहीं।

नदी में अचानक होने वाली दुर्घटना के समय कुछ ही मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए नाविकों के साथ-साथ प्रशासन की ओर से भी पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होना जरूरी है।

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उफनती गंगा में स्नान कर रहे लोग

बढ़ते जलस्तर के बीच गंगा घाटों पर स्नान करने वाले लोगों की सुरक्षा भी चिंता का विषय बनी हुई है। हादसे का कोई निश्चित समय नहीं होता, इसके बावजूद कई लोग उफनती गंगा में बिना किसी डर के स्नान करते दिखाई दे रहे हैं।

हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि बढ़े हुए जलस्तर के बीच स्नान करते समय कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? प्रशासन को ऐसे घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ लोगों को भी सावधानी बरतने के लिए जागरूक करना जरूरी है।

गंगा में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नाविकों और श्रद्धालुओं दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है। सुरक्षा में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे में बदल सकती है।

Location :  Mirzapur

Published :  7 August 2026, 10:37 AM IST

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