“बिना सहमति फैसले मंजूर नहीं…” बार काउंसिल अध्यक्ष के खिलाफ देवरिया में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन

देवरिया में अधिवक्ताओं के एक प्रदर्शन ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को लेकर चल रही बहस को फिर चर्चा में ला दिया है। 11 सूत्री मांगों को लेकर हुई बैठक के बाद वकीलों ने कई गंभीर सवाल उठाए और उच्च न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 23 September 2026, 3:32 PM IST
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Deoria: बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ देवरिया में अधिवक्ताओं का विरोध सामने आया है। तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने बैठक कर 11 सूत्री मांगों पर चर्चा की और इसके बाद प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि बार काउंसिल से जुड़े कुछ फैसले उनकी सहमति के बिना लिए जा रहे हैं। इसे लेकर उन्होंने नाराजगी जताते हुए उच्च न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की। ऐसी ही मांग को लेकर देवरिया में पहले भी प्रदर्शन की रिपोर्ट सामने आ चुकी है।

11 सूत्री मांगों पर हुई बैठक

तहसील बार एसोसिएशन भवन में हुई बैठक के दौरान कानपुर बार एसोसिएशन और दि लॉयर्स एसोसिएशन की ओर से अधिवेशन में उठाई गई 11 सूत्री मांगों पर चर्चा की गई। अधिवक्ताओं ने इन मांगों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की और इसके समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया।

अधिवक्ताओं का कहना है कि बार काउंसिल से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेते समय वकीलों के हितों और उनकी सहमति को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उनका आरोप है कि ऐसा नहीं होने से अधिवक्ताओं के अधिकारों से जुड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

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मनन मिश्रा को पद से हटाने की मांग

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने मांग रखी कि पूरे मामले में उच्च न्यायालय हस्तक्षेप करे। उन्होंने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को पद से हटाने और नए अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।

 सितंबर 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने भी बार काउंसिल के पुनर्गठन और उसके चुनाव से जुड़े मामले में उनकी वर्तमान स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणियां की थीं। कोर्ट ने कहा था कि उनका पद पर बने रहना 2030 तक जारी रहने वाली व्यवस्था के रूप में नहीं माना जा सकता।

राज्यसभा सदस्य होने पर भी उठे सवाल

बैठक के दौरान अधिवक्ताओं ने मनन कुमार मिश्रा के राज्यसभा सदस्य होने के साथ-साथ बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष पद पर बने रहने को लेकर भी सवाल उठाए। मनन कुमार मिश्रा बिहार से राज्यसभा सदस्य हैं और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष भी हैं। हालांकि, इस तरह के विरोध और इस्तीफे की मांग केवल देवरिया तक सीमित नहीं रही है। अगस्त 2026 में दिल्ली समेत अन्य जगहों पर भी कुछ वकील संगठनों ने उनके इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। दूसरी ओर, मिश्रा ने इस्तीफा देने की मांग को स्वीकार नहीं किया और कहा था कि वह चुनाव के जरिए इस पद पर हैं।

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आगे आंदोलन जारी रखने की तैयारी

देवरिया के अधिवक्ताओं ने 11 सूत्री मांगों को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखने पर चर्चा की। उनका कहना है कि बार काउंसिल से जुड़े फैसलों में अधिवक्ताओं के हितों और उनकी सहमति को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

Location :  Deoria

Published :  23 September 2026, 3:32 PM IST

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