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NEET SS 2025 में अब कम नंबर पर भी मौका! (IMG: Pinterest)
New Delhi: सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल कोर्स में दाखिले का इंतजार कर रहे डॉक्टरों के लिए बड़ी खबर है। National Board of Examinations in Medical Sciences (NBEMS) ने NEET-SS 2025 की न्यूनतम क्वालीफाइंग परसेंटाइल को 50 से घटाकर 30 परसेंटाइल कर दिया है। इसके बाद मेडिकल ग्रुप में 600 में 175 अंक हासिल करने वाले उम्मीदवार भी क्वालीफाइड माने जाएंगे और आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि 175 अंक हासिल करने का मतलब सीधे मेडिकल सीट मिलना नहीं है।
NEET-SS 2025 की कटऑफ में यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट की सितंबर 2026 की कार्यवाही के बाद हुआ है। अदालत के सामने बड़ी संख्या में सुपर स्पेशियलिटी सीटें खाली रहने का मुद्दा था। दूसरे राउंड की काउंसलिंग के बाद 1,857 सुपर स्पेशियलिटी सीटें खाली रह गई थीं। इसके बाद केंद्र सरकार ने खाली सीटों को भरने के लिए क्वालीफाइंग परसेंटाइल घटाकर 30 करने का फैसला किया। सुप्रीम कोर्ट ने इस व्यवस्था को मंजूरी दी। सरकार के अनुसार, कटऑफ कम होने से करीब 6,000 अतिरिक्त उम्मीदवार काउंसलिंग के लिए पात्र हो सकते हैं।
NBEMS ने अलग-अलग NEET-SS प्रश्नपत्र समूहों के लिए 30वें परसेंटाइल पर संशोधित कटऑफ स्कोर भी जारी किया है। मेडिकल ग्रुप के लिए यह 175 अंक है। वहीं मेडिकल ऑन्कोलॉजी के लिए 180, पीडियाट्रिक के लिए 231, पैथोलॉजी के लिए 238 और सर्जिकल ग्रुप के लिए 243 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसी तरह एनेस्थीसियोलॉजी ग्रुप का कटऑफ 249, क्रिटिकल केयर मेडिसिन 254, ENT 247, ऑर्थोपेडिक्स 256, फार्माकोलॉजी 213, साइकेट्री 302 और रेडियोडायग्नोसिस 315 अंक है। इसलिए उम्मीदवारों को सिर्फ 175 अंक को सभी NEET-SS ग्रुप का कटऑफ नहीं समझना चाहिए।
NEET-SS 2025 की दो राउंड की काउंसलिंग पूरी होने के बाद भी देशभर में 1,857 सुपर स्पेशियलिटी सीटें खाली रह गई थीं। इनमें 1,094 DM/MCh और 763 DNB-SS सीटें शामिल थीं। इन सीटों को खाली रहने से बचाने के लिए स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड आयोजित करने की योजना बनाई गई है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि कटऑफ कम करने से लगभग 6,000 अतिरिक्त उम्मीदवार पात्र हो सकते हैं। इससे खाली सीटों के मुकाबले काउंसलिंग के लिए उम्मीदवारों का बड़ा पूल उपलब्ध होगा।
NBEMS के संशोधित नियम के मुताबिक, जिन उम्मीदवारों ने अपने संबंधित NEET-SS 2025 प्रश्नपत्र समूह में 30वें परसेंटाइल या उससे अधिक हासिल किया है, उन्हें अब क्वालीफाइड माना जाएगा। ऐसे उम्मीदवार आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह मौका खास तौर पर उन उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जो पहले 50वें परसेंटाइल की वजह से काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर हो गए थे।
NBEMS ने कटऑफ घटाने के साथ यह भी स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों के लिए कोई नया स्कोरकार्ड जारी नहीं किया जाएगा। 23 जनवरी 2026 को जारी NEET-SS 2025 का प्रश्नपत्र समूह-विशिष्ट रैंक भी वही रहेगी। उम्मीदवारों के आवेदन में दर्ज MBBS प्रोफेशनल परीक्षाओं के कुल अंकों का दाखिले के समय मूल दस्तावेजों से सत्यापन किया जाएगा।
अब संशोधित पात्रता के आधार पर उम्मीदवारों की नजर मेडिकल काउंसलिंग कमेटी यानी MCC की आगे की प्रक्रिया पर है। 30वें परसेंटाइल की नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य खाली रह गई सुपर स्पेशियलिटी सीटों को भरना है। यानी NEET-SS 2025 में पहले 50वें परसेंटाइल से नीचे रहने वाले लेकिन अब 30वें परसेंटाइल या उससे ऊपर आने वाले उम्मीदवारों के लिए काउंसलिंग का एक और अवसर खुल गया है।
Location : New Delhi
Published : 23 September 2026, 2:54 PM IST