कांवड़ यात्रा के दौरान हुआ ऐसा चमत्कार, कावड़ियों चेहरे में आई मुस्कान; CHC में जन्मा नन्हा कांवड़िया

मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान अद्भुत नजारा! हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रही गाजियाबाद की शिवभक्त महिला ने सीएचसी में नन्हे बेटे को जन्म दिया। जानिए कैसे आस्था के इस सफर में डॉक्टरों की तत्परता से गूंजी नन्हें कांवड़िया की किलकारी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 7 August 2026, 10:06 AM IST
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Meerut: कांवड़ यात्रा की भक्तिमयी राह में एक शिवभक्त दंपती को ऐसा दैवीय उपहार मिला है, जिसकी यादें उनके दिल में जीवनभर ताजा रहेंगी। हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने घर गाजियाबाद लौट रही एक गर्भवती महिला कांवड़िया को मेरठ के पास अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।

डॉक्टरों की सूझबूझ और त्वरित इलाज से महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। बच्चे की पहली किलकारी सुनते ही अस्पताल परिसर में चारों तरफ 'हर-हर महादेव' का जयकारा गूंज उठा।

शिविर में बिगड़ी तबीयत, डॉक्टरों ने संभाला मोर्चा

गाजियाबाद के कृष्णा विहार के रहने वाले सोनू अपनी पत्नी मनीषा और चार साल के बड़े बेटे विनय के साथ 31 जुलाई को हरिद्वार से कांवड़ लेकर चले थे। हालांकि उन्हें पता था कि मनीषा गर्भवती है, लेकिन डिलीवरी की सही तारीख का अंदाजा नहीं था।

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सफर के दौरान मेरठ के बागपत बाईपास स्थित कांवड़ सेवा शिविर में रुकने पर मनीषा को दर्द महसूस हुआ। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शिविर संचालकों और डॉक्टरों ने तुरंत संपर्क कर उन्हें एम्बुलेंस से पांचली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुँचाया।

अस्पताल में खुशी का माहौल, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ

पांचली सीएचसी में तैनात डॉक्टर विजया और उनकी टीम ने बिना किसी देरी के प्रसव की प्रक्रिया शुरू की। लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद मनीषा ने एक सुंदर और स्वस्थ बालक को जन्म दिया। डॉक्टरों के अनुसार मां और बच्चा दोनों पूरी तरह से सुरक्षित हैं। अनजानी जगह और अनजान लोगों के बीच भी शिवभक्तों को जिस तरह का सहयोग और प्यार मिला, उसने परिवार की आँखें नम कर दीं।

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श्रद्धालु बोले- यह तो भोलेनाथ की ही कृपा है

कांवड़ यात्रा के पवित्र माहौल में नवजात के आगमन से सीएचसी में मौजूद अन्य श्रद्धालु, स्वास्थ्यकर्मी और स्थानीय लोग खुशी से झूम उठे। सोनू और मनीषा पिछले चार सालों से लगातार कांवड़ ला रहे हैं। सोनू ने कहा कि रास्ते में इतने बड़े वरदान की उन्होंने उम्मीद नहीं की थी। कांवड़ियों और स्थानीय लोगों ने इस घटना को सावन के महीने में भगवान शिव का सीधा आशीर्वाद बताया और नन्हे शिवभक्त के उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना की।

Location :  Meerut

Published :  7 August 2026, 10:06 AM IST

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