“शोभायात्राओं में डीजे पूरी तरह बंद हो”, बलरामपुर में उठी बड़ी मांग; क्या बनेगा प्रदेश का पहला शोर-मुक्त जिला?

बलरामपुर में शोभायात्राओं और जुलूसों को लेकर एक ऐसी पहल सामने आई है, जिसने शहर में चर्चा बढ़ा दी है। अलग-अलग समुदायों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को ज्ञापन देकर डीजे पर पूरी तरह रोक लगाने समेत कई सुझाव दिए हैं।

Balrampur: शहर में शोभायात्राओं और जुलूसों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से कराने को लेकर बलरामपुर में एक नई पहल सामने आई है। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रशासन से जुलूसों के दौरान डीजे के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है।

इस संबंध में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर कई अहम सुझाव दिए गए हैं। अगर प्रशासन इन मांगों पर अमल करता है तो बलरामपुर में जुलूसों के आयोजन का तरीका काफी बदल सकता है।

सर्वसमाज की बैठक में बनी रणनीति

आदर्श नगर पालिका परिषद बलरामपुर के अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू के नेतृत्व में हुई सर्वसमाज की बैठक में शहर की शांति और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद प्रतिनिधियों ने प्रशासन के सामने अपने सुझाव रखे। ज्ञापन में कहा गया है कि अलग-अलग समुदायों के लोगों ने आपसी सहमति से ऐसे नियमों की मांग की है, जिससे धार्मिक आयोजनों के दौरान किसी तरह की परेशानी या सुरक्षा संबंधी स्थिति पैदा न हो।

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जुलूस में डीजे पर पूरी तरह रोक की मांग

ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग जुलूस और शोभायात्राओं के दौरान डीजे के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की है। इसके साथ ही डीजे से लदे वाहनों को शहर में प्रवेश से रोकने के लिए प्रमुख रास्तों पर पुलिस निगरानी बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। इसके लिए फुलवरिया बाईपास, सेखुईया चौराहा, नहर बालागंज मोड़, महेशभारी चौराहा और चुंगी नाका जैसे स्थानों पर विशेष निगरानी की मांग की गई है।

प्रतिनिधियों ने यह भी सुझाव दिया है कि आयोजन से पहले डीजे संचालकों और संबंधित लोगों के साथ बैठक कर उन्हें प्रशासन की ओर से तय नियमों की जानकारी दी जाए, ताकि बाद में नियमों के उल्लंघन की स्थिति न बने।

12 फीट से ज्यादा नहीं होगी प्रतिमा की ऊंचाई?

सिर्फ डीजे ही नहीं, ज्ञापन में शोभायात्राओं में सुरक्षा से जुड़े दूसरे पहलुओं को लेकर भी सुझाव दिए गए हैं। वाहन समेत प्रतिमाओं की कुल ऊंचाई अधिकतम 12 फीट रखने का प्रस्ताव दिया गया है। इसका मकसद जुलूस के दौरान रास्तों में आने वाली बाधाओं और बिजली के तारों से होने वाले संभावित हादसों को रोकना बताया गया है।

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इसके साथ ही विद्युत विभाग से जुलूस वाले रास्तों पर लटक रहे बिजली के तारों को व्यवस्थित कर उन्हें जमीन से कम से कम 12 फीट से अधिक ऊंचाई पर करने का आग्रह किया गया है।

नियम टूटे तो कार्रवाई की भी मांग

ज्ञापन में नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का सुझाव भी दिया गया है। डीजे संचालकों, ऑपरेटरों और आयोजकों द्वारा नियम तोड़े जाने पर दंडात्मक कार्रवाई के साथ उपकरण जब्त करने की मांग की गई है।

इस पहल की खास बात यह है कि ज्ञापन सौंपने वालों में अलग-अलग समुदायों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे। हिंदू, मुस्लिम और सिख समुदाय से जुड़े धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा व्यापार मंडल के पदाधिकारी और शहर के अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

Location :  Balrampur

Published :  23 September 2026, 4:00 PM IST

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