बलरामपुर में विवादित जमीन पर सड़क निर्माण से मचा बवाल, हाईकोर्ट ने EO समेत 3 को भेजा अवमानना नोटिस

बलरामपुर देहात की 1.30 एकड़ विवादित जमीन पर सड़क निर्माण के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने नगर पालिका के EO लाल चंद मौर्य समेत तीन पक्षकारों को अवमानना नोटिस भेजा है। 5 नवंबर को उन्हें जवाब देना होगा कि कोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ।

Balrampur: जिले के बलरामपुर देहात में 1.30 एकड़ विवादित जमीन पर सड़क निर्माण के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने पूर्व के आदेश के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखने के आरोपों पर नगर पालिका परिषद बलरामपुर के अधिशासी अधिकारी लाल चंद मौर्य समेत तीन विपक्षी पक्षकारों को अवमानना का नोटिस जारी किया है। मामले में सभी पक्षों से जवाब मांगा गया है।

निजी जमीन पर सड़क बनाने का आरोप

पूरा मामला ग्राम बलरामपुर देहात के प्लॉट संख्या 1655 से जुड़ा है। मुजीब अहमद समेत आठ याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि उनकी निजी जमीन पर बिना वैधानिक अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी किए मिट्टी डलवाकर सड़क का निर्माण कराया जा रहा था।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उनके मुताबिक भूमि अधिग्रहण अधिनियम-2013 या राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत जरूरी प्रक्रिया अपनाए बिना ही जमीन पर निर्माण कराया गया।

पहले कोर्ट ने तीन सप्ताह में मांगा था जवाब

इस मामले की सुनवाई के दौरान 14 जनवरी को न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की पीठ ने सभी प्रतिवादियों को तीन सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था।

उस समय नगर पालिका प्रशासन की ओर से अदालत को बताया गया था कि याचिका दाखिल होने की जानकारी मिलते ही विवादित स्थल पर निर्माण कार्य रोक दिया गया है। इसके बाद भी याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अदालत के निर्देश के बावजूद निर्माण प्रक्रिया पूरी तरह नहीं रुकी।

निर्माण जारी रहने के आरोप पर दाखिल हुई अवमानना याचिका

निर्माण कार्य जारी रहने का आरोप लगाते हुए पीड़ित पक्ष ने दोबारा हाईकोर्ट का रुख किया और अवमानना याचिका दाखिल की। हालिया सुनवाई न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की पीठ के समक्ष हुई। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विपक्षी पक्षकारों के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया।

हाईकोर्ट ने नोटिस तामील कराने के लिए सात कार्य दिवसों की समयसीमा तय की है। साथ ही संबंधित पक्षों को आगामी 5 नवंबर को अदालत के समक्ष व्यक्तिगत या कानूनी माध्यम से उपस्थित होकर जवाब देने को कहा गया है।

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5 नवंबर को स्पष्ट करना होगा जवाब

अदालत ने विपक्षी पक्षकारों से यह स्पष्ट करने को कहा है कि 14 जनवरी के आदेश का कथित रूप से पालन नहीं करने के लिए उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।

इस आदेश के बाद नगर पालिका कार्यालय में जवाब तैयार करने को लेकर दिनभर गहमागहमी बनी रही। हालांकि, संबंधित अधिकारियों ने इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी करने से परहेज किया है। अब अगली सुनवाई में पक्षकारों के जवाब और अदालत के रुख पर सबकी नजर रहेगी।

Location :  Balrampur

Published :  4 October 2026, 8:18 AM IST

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