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सड़क हादसे के बाद हिंसक हुआ विवाद
Maharajganj : जनपद मुख्यालय स्थित नारायण वाटिका के सामने हुई एक सड़क दुर्घटना के बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। सिविल कोर्ट महराजगंज में विधि व्यवसाय कर रहे अधिवक्ता महेन्द्र प्रताप गौतम ने कुछ लोगों पर जानलेवा हमला करने, मारपीट करने तथा जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित अधिवक्ता महेन्द्र प्रताप गौतम निवासी सिसवा बाबू, थाना कोतवाली, महराजगंज के अनुसार 30 मई को वह अपने घर से सिविल कोर्ट जा रहे थे। सुबह करीब 10 बजे जब वह नारायण वाटिका के सामने पहुंचे, तभी सामने से आ रही मोटरसाइकिल संख्या यूपी-56 के-0359 के चालक ने कथित रूप से लापरवाहीपूर्वक उनकी कार में टक्कर मार दी। टक्कर से उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई।
आरोप है कि दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद मोनू पटेल, चन्द्रप्रकाश और जयप्रकाश सिंह समेत कुछ अन्य लोगों ने उनकी कार को घेर लिया और उन्हें जबरन वाहन से बाहर निकाल लिया। अधिवक्ता का आरोप है कि आरोपितों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसों और थप्पड़ों से जमकर मारपीट की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोनू पटेल ने उनका गला दबाकर जान लेने का प्रयास किया, जिससे उन्हें सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी।
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अधिवक्ता के अनुसार शोर-शराबा सुनकर मौके पर पहुंचे कई लोगों ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद उनकी जान बच सकी। घटना के बाद उन्होंने चिकित्सकीय परामर्श लिया, जहां जांच में उनके दाहिने कान में गंभीर चोट तथा कान का पर्दा फटने की जानकारी मिली। इससे उनकी सुनने की क्षमता भी प्रभावित हुई है।
पीड़ित का आरोप है कि जाते समय आरोपितों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली पुलिस ने मोनू पटेल, चन्द्रप्रकाश, जयप्रकाश सिंह तथा अज्ञात मोटरसाइकिल चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
Location : Maharajganj
Published : 9 June 2026, 11:51 AM IST
Topics : Maharajganj Road Accident UP Crime News