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विधवा के खाते में आए 5 लाख रुपये गायब?
Maharajganj: उत्तर प्रदेश के महराजगंज से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री राहत कोष से मिली आर्थिक सहायता राशि पर कथित तौर पर हेराफेरी का आरोप लगाया गया है। पीड़िता का कहना है कि उनके पति की मौत के बाद सरकार द्वारा जारी 5 लाख रुपये की सहायता राशि उन्हें नहीं मिली, बल्कि उनके ही करीबी रिश्तेदारों ने उसे हड़प लिया।
यह पूरा मामला बृजमनगंज थाना क्षेत्र के करमहवा टोला छोटकी मैनहिया गांव का है। यहां रहने वाली संजना चौधरी ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि उनके साथ आर्थिक धोखाधड़ी की गई है।
पीड़िता संजना चौधरी के अनुसार उनके पति मनीष चौधरी की 2 जुलाई 2022 को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में आवेदन किया गया था। इसी दौरान उनके भसुर अभिषेक चौधरी और एक अन्य व्यक्ति राहुल शर्मा ने मदद का भरोसा दिलाया और उनके बैंक दस्तावेज जैसे पासबुक, आधार कार्ड और चेकबुक अपने पास रख लिए।
पीड़िता का आरोप है कि महीनों तक उन्हें यही कहा जाता रहा कि राहत राशि जल्द ही उनके खाते में आ जाएगी, लेकिन जब उन्होंने बैंक जाकर जांच की तो मामला चौंकाने वाला निकला। जानकारी के मुताबिक 23 जून 2023 को मुख्यमंत्री राहत कोष की 5 लाख रुपये की राशि उनके खाते में ट्रांसफर हुई थी, लेकिन उसी दिन इस रकम का बड़ा हिस्सा अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए निकाल लिया गया। आरोप है कि पहले 9 हजार रुपये, फिर 90 हजार रुपये और अगले दिन 24 जून को 99 हजार रुपये राहुल शर्मा के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। इसके बाद शेष रकम भी अलग-अलग तरीकों से निकाल ली गई।
संजना चौधरी का कहना है कि पूरी राशि पर दूसरों ने कब्जा कर लिया और उन्हें एक भी रुपया नहीं मिला। जब उन्होंने पैसे वापस मांगने की कोशिश की तो आरोप है कि उन्हें धमकाया गया और साफ इनकार कर दिया गया।
पीड़िता ने बृजमनगंज थाना क्षेत्र में तहरीर देकर पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं और उनकी पूरी राशि वापस दिलाई जाए।
Location : Maharajganj
Published : 8 June 2026, 7:08 PM IST