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ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे और जखनिया विधायक बेदीराम Source: Dynamite News
Mirzapur: उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का मुद्दा जब-जब उठता है, तब-तब Railway Group D Paper Leak Case की याद ताजा हो जाती है। हाल के वर्षों में यूपी पुलिस भर्ती, शिक्षक भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर हुए विवादों ने युवाओं के बीच भरोसे का संकट पैदा किया है। ऐसे माहौल में करीब 20 साल पुराने रेलवे ग्रुप-डी पेपर लीक मामले की फाइल एक बार फिर चर्चा में है। वजह यह है कि इस केस में आरोपी रहे दो नेता आज उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य हैं, जबकि मामला अब भी अदालत में लंबित है।
साल 2006 में रेलवे ग्रुप-डी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया था। उस समय यह देश के चर्चित भर्ती घोटालों में शामिल हुआ। लाखों अभ्यर्थियों ने परीक्षा की तैयारी में वर्षों की मेहनत लगाई थी, लेकिन पेपर लीक की खबर ने उनके सपनों को बड़ा झटका दिया। मामले की जांच उत्तर प्रदेश एसटीएफ को सौंपी गई थी।
जांच के दौरान एसटीएफ ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें वर्तमान में ज्ञानपुर (भदोही) से निषाद पार्टी के विधायक विपुल दुबे और जखनिया (गाजीपुर) से सुभासपा विधायक बेदीराम का नाम भी शामिल रहा। जांच एजेंसियों ने दोनों समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की थी। मामला अदालत पहुंचा, लेकिन दो दशक बाद भी ट्रायल पूरा नहीं हो सका है।
हाल के वर्षों में देशभर में कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामले सामने आए। हर बार सरकारों ने सख्त कार्रवाई और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था का भरोसा दिया। ऐसे में Railway Group D Paper Leak Case का लंबित ट्रायल फिर चर्चा का विषय बन गया है। युवाओं का कहना है कि यदि पुराने मामलों में समय पर फैसला नहीं होगा तो नई पीढ़ी का भरोसा व्यवस्था पर कैसे कायम रहेगा?
सोशल मीडिया पर लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि जिन नेताओं पर कभी भर्ती घोटाले जैसे गंभीर आरोप लगे थे और जिनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई थी, उनके मामले में अंतिम फैसला अब तक क्यों नहीं आया। हालांकि, अदालत में मामला विचाराधीन है और दोषी या निर्दोष होने का अंतिम निर्णय न्यायालय ही करेगा।
Railway Group D Paper Leak Case आज केवल एक पुराने मुकदमे का नाम नहीं रह गया है, बल्कि यह उन लाखों युवाओं की उम्मीदों से जुड़ा सवाल भी बन चुका है जिन्होंने सरकारी नौकरी पाने के लिए वर्षों तक मेहनत की। अब सबकी नजर अदालत की अगली सुनवाई और अंतिम फैसले पर टिकी है। यह फैसला सिर्फ दो नेताओं का भविष्य तय नहीं करेगा, बल्कि भर्ती व्यवस्था में लोगों के विश्वास पर भी असर डालेगा।
Location : Mirzapur
Published : 25 July 2026, 10:02 AM IST
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