मेरठ के आसमान में गरजे 9 हॉक जेट, हवा में बना तिरंगा; सूर्यकिरण के हैरतअंगेज करतब देख थम गईं निगाहें

मेरठ के मोहिउद्दीनपुर स्थित न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में पहली बार सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम ने एयर शो किया। नौ हॉक एमके-132 विमानों की रोमांचक कलाबाजियों, तिरंगे की रंगीन लकीरों और मेरठ के तीन वायुसेना अधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 19 September 2026, 4:28 PM IST
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Meerut: एक साथ नौ लड़ाकू विमान... देखते ही देखते बदलते फॉर्मेशन... कभी जमीन के बेहद करीब उड़ान तो कभी आसमान में उल्टी कलाबाजी। फिर दो विमान आमने-सामने आए और पलक झपकते ही एक-दूसरे को क्रॉस करते हुए निकल गए। शनिवार को मेरठ के मोहिउद्दीनपुर स्थित न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में ऐसा ही रोमांचक नजारा देखने को मिला। भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम ने पहली बार मेरठ के आसमान में अपना प्रदर्शन किया तो हजारों लोगों की निगाहें आसमान पर टिक गईं।

हिंडन एयरबेस से उड़ान भरकर मेरठ पहुंचे नौ हॉक जेट

हिंडन एयरबेस से उड़ान भरकर सूर्यकिरण के नौ हॉक जेट विमान सुबह करीब 10:25 बजे मेरठ के आसमान में पहुंचे। विमानों के पहुंचते ही मैदान में मौजूद दर्शकों ने तालियों और जय हिंद के नारों के साथ उनका स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर सुबह करीब 7:30 बजे से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। दर्जनभर से अधिक स्कूलों के छात्र, एनसीसी कैडेट्स और एनएसएस स्वयंसेवक एयर शो देखने पहुंचे। परिवारों के साथ चिकित्सक, व्यापारी और उद्यमी भी इस प्रदर्शन के साक्षी बने।

पलक झपकते बदलते रहे विमानों के फॉर्मेशन

सूर्यकिरण के पायलटों ने आसमान में ऐसा तालमेल दिखाया कि हर करतब के साथ दर्शकों की तालियां तेज होती गईं। नौ विमानों ने पहले वी-आकार का फॉर्मेशन बनाया और फिर अलग-अलग दिशाओं में बिखरने के बाद कुछ ही पलों में दोबारा सटीक फॉर्मेशन बना लिया। लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और डीएनए मैन्यूवर ने एयर शो का रोमांच बढ़ा दिया। करीब 100 से 150 फीट की ऊंचाई पर विमानों की सटीक उड़ान देखकर दर्शक सांस थामे रहे। दो जेट जब आमने-सामने बढ़े और ऐन वक्त पर एक-दूसरे को क्रॉस करते हुए निकले तो पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा।

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मेरठ के तीन जांबाजों ने बढ़ाया शहर का गौरव

इस एयर शो का मेरठ से सीधा जुड़ाव भी रहा। सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम में मेरठ के तीन स्क्वाड्रन लीडर शामिल हैं। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और राहुल सिंह ने हॉक जेट उड़ाकर आसमान में करतब दिखाए, जबकि स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से पूरे प्रदर्शन के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली। अपने शहर के तीन वायुसेना अधिकारियों को इस ऐतिहासिक प्रदर्शन का हिस्सा देखकर स्थानीय दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया।

1996 में हुई थी सूर्यकिरण की स्थापना

सूर्यकिरण भारतीय वायुसेना की एयरोबैटिक प्रदर्शन टीम है और 52वें स्क्वाड्रन का हिस्सा है। इसकी स्थापना वर्ष 1996 में हुई थी। टीम में कुल 13 पायलट होते हैं, जबकि प्रदर्शन के दौरान नौ पायलट एक साथ उड़ान भरते हैं। लड़ाकू विमान उड़ाने का अनुभव रखने वाले पायलटों को इस टीम के लिए चुना जाता है। सूर्यकिरण देश के अलग-अलग हिस्सों में अपने हवाई प्रदर्शनों के जरिए लोगों को रोमांचित कर चुकी है। मेरठ में इसका यह पहला प्रदर्शन था।

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बच्चों ने मोबाइल कैमरों में कैद किया हर रोमांचक पल

जैसे ही सूर्यकिरण के विमानों ने आसमान में फॉर्मेशन बदलना शुरू किया, स्कूली बच्चों में उत्साह की लहर दौड़ गई। कोई हाथ हिलाकर पायलटों का अभिवादन कर रहा था तो कोई मोबाइल कैमरे से हर करतब रिकॉर्ड कर रहा था। एयर शो देखने पहुंचे अनुभव ने कहा कि उन्होंने पहली बार इतनी नजदीक से लड़ाकू विमानों को उड़ते देखा। दो विमानों के आमने-सामने आने वाले दृश्य को उन्होंने बेहद रोमांचक बताया और कहा कि अब वह भी वायुसेना में करियर बनाने की इच्छा रखते हैं।

ट्रैफिक, पार्किंग और पेयजल की रही व्यवस्था

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से यातायात और पार्किंग के विशेष इंतजाम किए गए। दर्शकों की सुविधा के लिए पेयजल की व्यवस्था भी की गई। सुरक्षा व्यवस्था के तहत मोहिउद्दीनपुर के आसपास 10 नॉटिकल मील यानी करीब 18.5 किलोमीटर के क्षेत्र को 21 सितंबर तक अस्थायी रेड और नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में ड्रोन, रिमोट संचालित विमान, हॉट एयर बैलून और अन्य यूएवी उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा।

Location :  Meerut

Published :  19 September 2026, 4:28 PM IST

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