“अब वर्दी में देश सेवा करूंगी” कौन हैं रूपल चौधरी? मेरठ की स्टार एथलीट बनी सेना में नायब सूबेदार

मेरठ की अंतरराष्ट्रीय धावक रूपल चौधरी ने खेल के ट्रैक से भारतीय सेना तक का सफर तय किया है। 400 मीटर की स्टार एथलीट अब सेना में नायब सूबेदार के तौर पर देश की सेवा करेंगी। बंगलूरू में सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पासिंग आउट परेड हुई, जिसके बाद मेरठ पहुंचने पर परिवार और गांववालों ने उनका जोरदार स्वागत किया...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 17 September 2026, 1:17 PM IST
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Meerut News: ट्रैक पर दौड़कर देश का नाम रोशन करने वाली मेरठ की बेटी अब सेना की वर्दी में देश सेवा करेगी। अंतरराष्ट्रीय 400 मीटर धावक रूपल चौधरी भारतीय सेना में नायब सूबेदार बन गई हैं। सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद मंगलवार को बंगलूरू में आयोजित पासिंग आउट परेड में उन्होंने हिस्सा लिया। इसके बाद बुधवार को जब रूपल अपने गांव शाहपुर जैनपुर पहुंचीं तो परिवार से लेकर गांववालों तक ने उनका जोरदार स्वागत किया।

ट्रैक से सेना तक पहुंचीं रूपल

रूपल चौधरी की पहचान देश की तेजतर्रार महिला धावकों में होती है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। अब उनके करियर में एक नया अध्याय जुड़ गया है। सेना में नायब सूबेदार की जिम्मेदारी संभालने के साथ ही वह देश की सेवा भी करेंगी। रूपल ने पिछले साल भारतीय सेना में इस पद के लिए ज्वाइन किया था। इसके बाद उन्होंने सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया। मंगलवार को बंगलूरू में पासिंग आउट परेड के बाद उनकी सैन्य सेवा की नई जिम्मेदारी औपचारिक रूप से शुरू हो गई।

चोट ने रोकी रफ्तार, फिर की दमदार वापसी

रूपल के लिए पिछला कुछ समय आसान नहीं रहा। चोट के चलते उन्हें कई प्रतियोगिताओं से दूर रहना पड़ा। इस वजह से उनकी एथलेटिक्स की रफ्तार पर ब्रेक लगा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। हाल ही में 2 सितंबर को मेरठ में हुई इंडियन एथलेटिक्स सीरीज में उन्होंने महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में दूसरा स्थान हासिल कर वापसी का संकेत दिया। रूपल का कहना है कि सेना में सेवा करने का मौका मिलना उनके लिए बेहद खुशी की बात है। खास बात यह है कि सैन्य जिम्मेदारियों के साथ वह एथलेटिक्स को भी जारी रखेंगी। चोट के कारण इस साल कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पाईं, लेकिन अब उनका पूरा ध्यान फिर से खेलों की तैयारी पर है।

एक ही विश्व चैंपियनशिप में जीते दो मेडल

रूपल के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022 शामिल है। उन्होंने इस प्रतियोगिता में 4 गुणा 400 मीटर रिले में रजत और 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था। एक ही विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में दो पदक जीतने वाली वह पहली भारतीय एथलीट बनी थीं।

पिता बोले- बेटी की उपलब्धि पर गर्व

रूपल के पिता ओमवीर बेटी की इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल रूपल ने सेना में इस पद के लिए ज्वाइन किया था और अब प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पासिंग आउट परेड में शामिल हुई हैं। रूपल की उपलब्धि से मेरठ के खेल जगत और शाहपुर जैनपुर गांव में खुशी का माहौल है। अब ट्रैक की यह स्टार धावक सेना की वर्दी में देश सेवा के साथ अपनी खेल यात्रा को भी आगे बढ़ाएंगी।

Location :  Meerut

Published :  17 September 2026, 1:17 PM IST

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