स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल: कानपुर के ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टर की जगह मरीजों का इलाज करता दिखा ड्राइवर

कानपुर के चकेरी स्थित कांशीराम ट्रॉमा सेंटर का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें डॉक्टर की कुर्सी पर बैठा एक शख्स मरीजों को देखता और पर्ची पर दवा लिखता नजर आ रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह व्यक्ति डॉक्टर का ड्राइवर है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने संज्ञान लिया है और संबंधित डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

Updated : 17 September 2026, 12:36 PM IST
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Kanpur: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के चकेरी स्थित कांशीराम ट्रॉमा सेंटर से एक बेहद हैरान करने वाला और स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने वाला मामला सामने आया है। यहां अस्पताल की ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) के दौरान एक ऐसा वाकया कैमरे में कैद हुआ, जिसने मरीज की जान से खिलवाड़ करने जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डॉक्टर की गैरमौजूदगी में एक कथित ड्राइवर मरीजों की जांच करता और उन्हें दवाएं लिखता हुआ नजर आया है।

ओपीडी में डॉक्टर की जगह ड्राइवर कर रहा था मरीजों का इलाज

सामने आए एक वायरल वीडियो के मुताबिक, कांशीराम ट्रॉमा सेंटर की ओपीडी में एक शख्स डॉक्टर की कुर्सी पर बड़े आराम से बैठा हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि वह अस्पताल पहुंचे मरीजों की बीमारी और परेशानियों को सुन रहा है और इसके बाद उनकी पर्ची पर दवाएं भी लिख रहा है। नियमों के मुताबिक मरीजों की जांच और उन्हें दवा लिखने का अधिकार केवल चिकित्सकीय रूप से योग्य और पंजीकृत डॉक्टर के पास ही होता है। लेकिन इस वायरल वीडियो ने यह दिखा दिया कि किस तरह कथित तौर पर एक ड्राइवर मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खुलेआम खिलवाड़ कर रहा था। हालांकि, यह वीडियो कब का है, इस बात की पुष्टि और जांच अभी की जा रही है।

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मेडिकल ऑफिसर की सफाई और अस्पताल प्रशासन का कड़ा रुख

जब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों की सफाई भी सामने आई। संबंधित मेडिकल ऑफिसर डॉ. रामकेश का कहना है कि वह किसी मामले में गवाही देने के लिए अदालत गए हुए थे। उन्होंने यह संभावना जताई है कि उनकी अनुपस्थिति में शायद उनके ड्राइवर ने ऐसा कदम उठाया हो। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि डॉक्टर की गैरमौजूदगी में ड्राइवर द्वारा मरीजों को दवा लिखना पूरी तरह से गलत और अनुचित है।

दूसरी ओर, इस गंभीर मामले को अस्पताल प्रशासन ने भी बेहद संज्ञान में लिया है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. पीयूष ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन स्तर से इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया गया है और संबंधित डॉक्टर से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रशासन की ओर से मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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मरीजों की जिंदगी के साथ बड़ा जोखिम

यह पूरा प्रकरण अपने आप में बेहद गंभीर और चिंताजनक है। आम तौर पर गरीब और जरूरतमंद मरीज सरकारी अस्पतालों में अपनी बीमारी का सही इलाज पाने के लिए डॉक्टर पर पूरा भरोसा करके पहुंचते हैं। ऐसे में यदि बिना किसी चिकित्सकीय योग्यता, डिग्री और अधिकार के कोई गैर-जिम्मेदार व्यक्ति मरीजों की जांच करेगा और उन्हें दवाएं लिखेगा, तो यह सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा और जानलेवा जोखिम पैदा कर सकता है। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और वहां की सुरक्षा-व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

Location :  Kanpur

Published :  17 September 2026, 12:36 PM IST

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