राजनीति के मैदान में अब फुटबॉल खेलेंगी ममता, TMC के दोनों गुटों को मिला नया नाम-नया चुनाव चिह्न

TMC विवाद में चुनाव आयोग के फैसले के बाद अब दोनों गुटों की पहचान बदल गई है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और फुटबॉल खिलाड़ी चिह्न के साथ मैदान में उतरेगा, जबकि अरूप रॉय गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ और लिफाफा चिह्न मिला है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 18 September 2026, 3:46 PM IST
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Kolkata: तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं। अब आगामी उपचुनावों में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम से मैदान में उतरेगा और उसके उम्मीदवार ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करेंगे। वहीं अरूप रॉय के नेतृत्व वाले गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न दिया गया है।

चुनाव आयोग का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब दोनों पक्ष पार्टी के नाम और पुराने चुनाव चिह्न पर अपना दावा कर रहे हैं। आयोग ने फिलहाल दोनों गुटों को मूल ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और उसके आरक्षित ‘फूल और घास’ वाले चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया है। यह व्यवस्था आगामी उपचुनावों के लिए की गई है।

एक तरफ ममता का नाम, दूसरी तरफ ‘डेमोक्रेटिक’ पहचान

चुनाव आयोग के आदेश के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को नई पहचान के तौर पर ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम मिला है। इस गुट के उम्मीदवार अब फुटबॉल खिलाड़ी वाले चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ेंगे।

दूसरी ओर अरूप रॉय के नेतृत्व वाले गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया है। इस गुट के लिए लिफाफा चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। दोनों गुटों को पश्चिम बंगाल के अलावा मेघालय और त्रिपुरा में भी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के तौर पर माना गया है।

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पहले नाम और सिंबल पर लगी थी रोक

इससे पहले 17 सितंबर को चुनाव आयोग ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए दोनों गुटों को मूल पार्टी के नाम और ‘फूल और घास’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया था। आयोग ने दोनों पक्षों से नए नाम और चुनाव चिह्न के तीन-तीन विकल्प मांगे थे। इसके लिए 18 सितंबर सुबह 11 बजे तक का समय दिया गया था।

आयोग ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि दोनों गुट खुद को असली तृणमूल कांग्रेस बताते हुए पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावा कर रहे हैं। आयोग के मुताबिक आगामी उपचुनावों से पहले इस विवाद का अंतिम समाधान संभव नहीं था। ऐसे में दोनों पक्षों को अलग पहचान के साथ चुनाव मैदान में उतारने की व्यवस्था की गई।

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नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव पर नजर

अब दोनों गुट अलग-अलग नाम और चिह्न के साथ आगामी उपचुनावों में अपने उम्मीदवार उतार सकेंगे। नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को होने हैं। चुनाव आयोग के इस फैसले से नामांकन और चुनावी प्रक्रिया को लेकर बनी स्थिति भी साफ हो गई है।

हालांकि, इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि पार्टी की मूल पहचान को लेकर विवाद पूरी तरह खत्म हो गया है। ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल और घास’ चुनाव चिह्न पर अंतिम अधिकार किसे मिलेगा, यह सवाल अभी बाकी है। फिलहाल दोनों गुटों को उपचुनाव के लिए अलग-अलग पहचान मिल गई है।

Location :  Kolkata

Published :  18 September 2026, 3:46 PM IST

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