“ममता ने कांग्रेस से परेशान होकर TMC बनाई”, सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी को सुनाया कांग्रेस का इतिहास

टीएमसी और एनसीपी को लेकर राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने शरद पवार, ममता बनर्जी, इंदिरा गांधी, चौधरी चरण सिंह, चंद्रशेखर, एचडी देवगौड़ा और आईके गुजराल समेत कई नेताओं और पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाए...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 18 September 2026, 1:33 PM IST
google-preferred

New Delhi: टीएमसी और एनसीपी को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस के ही पुराने राजनीतिक इतिहास का हवाला दिया। त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी को देश और संस्कृति के बारे में तो शायद जानकारी है, लेकिन आज ऐसा लगा कि उन्हें अपनी ही पार्टी के इतिहास की जानकारी नहीं है।

TMC-NCP के मुद्दे पर राहुल गांधी को घेरा

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी ने टीएमसी और एनसीपी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी विपक्षी दलों को खत्म कर रही है। इस पर जवाब देते हुए उन्होंने एनसीपी के गठन और शरद पवार के कांग्रेस से अलग होने की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शरद पवार कांग्रेस से अलग हुए थे और इसके पीछे विदेशी मूल का मुद्दा प्रमुख था।

इंदिरा गांधी से अशोक गहलोत तक का जिक्र

बीजेपी नेता ने कांग्रेस के अंदर हुए पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास भी पार्टी के भीतर मतभेद और टूट से भरा रहा है। उन्होंने 1969 के राष्ट्रपति चुनाव का उदाहरण दिया, जब इंदिरा गांधी और कांग्रेस संगठन के बीच बड़ा टकराव हुआ था। त्रिवेदी ने अशोक गहलोत का भी जिक्र किया और कहा कि कांग्रेस के भीतर कई नेताओं को राजनीतिक रूप से किनारे किया गया। हालांकि, इन घटनाओं की व्याख्या कांग्रेस और उसके नेताओं की ओर से अलग-अलग तरीके से की जाती रही है।

चरण सिंह से देवगौड़ा-गुजराल तक गिनाए नाम

सुधांशु त्रिवेदी ने चौधरी चरण सिंह, एनटी रामाराव और चंद्रशेखर का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अलग-अलग दौर में सहयोगी दलों और नेताओं के साथ विश्वासघात किया। उन्होंने एचडी देवगौड़ा और आईके गुजराल की सरकारों का भी उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस के समर्थन वापस लेने के कारण दोनों सरकारें गिर गई थीं। उन्होंने 1980 में केंद्र में सत्ता में लौटने के बाद कई राज्यों की सरकारों को बर्खास्त किए जाने का भी हवाला दिया। त्रिवेदी ने कांग्रेस के कई पूर्व नेताओं, जिनमें गुलाम नबी आजाद, अमरिंदर सिंह और विजय बहुगुणा का नाम शामिल है, का जिक्र करते हुए पार्टी की अंदरूनी राजनीति पर सवाल उठाए। बीजेपी नेता का पूरा तर्क यही रहा कि विपक्षी दलों के टूटने और कमजोर होने के लिए केवल बीजेपी को जिम्मेदार ठहराना कांग्रेस के अपने राजनीतिक इतिहास को नजरअंदाज करना है।

Location :  New Delhi

Published :  18 September 2026, 1:12 PM IST

Advertisement