UP Assembly Election 2027: सपा-कांग्रेस सीट शेयरिंग पर कैसे बनेगी बात, दोनो दलों के अपने-अपने समीकरण

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा-कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत तेज है। कांग्रेस ज्यादा सीटों की मांग कर रही है, जबकि सपा उम्मीदवार की मजबूती और स्थानीय समीकरण को आधार बनाने की बात कर रही है। अलग-अलग रिपोर्टों में सीटों को लेकर अलग आंकड़े सामने आए हैं और अंतिम फॉर्मूला अभी तय नहीं है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 17 September 2026, 12:10 PM IST
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UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर बातचीत तेज हो गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या और उम्मीदवारों के चयन को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। एक रिपोर्ट में सपा की ओर से कांग्रेस को 45 से 50 सीटों तक सीमित रखने की चर्चा है, जबकि अन्य रिपोर्टों में इससे अलग आंकड़े सामने आए हैं।

कांग्रेस 100 से ज्यादा सीटों पर कर रही दावा

कांग्रेस की ओर से 2017 के गठबंधन का हवाला देते हुए ज्यादा सीटों की मांग की जा रही है। जुलाई में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भी 2027 चुनाव में सपा के साथ सीट बंटवारे में बराबरी और सम्मान की बात कही थी। वहीं सितंबर की रिपोर्टों में कांग्रेस की ओर से करीब 105 सीटों की मांग का उल्लेख किया गया है।

सीटों की संख्या से ज्यादा उम्मीदवार की मजबूती पर जोर

रिपोर्ट के अनुसार, सपा की ओर से सीटों की संख्या के बजाय उम्मीदवार की जीत की संभावना और स्थानीय राजनीतिक समीकरण को आधार बनाने की बात कही जा रही है। संभावित उम्मीदवारों की जानकारी, स्थानीय संगठन की स्थिति और पिछले चुनाव के प्रदर्शन जैसे पहलुओं को सीट तय करने में महत्व दिए जाने की चर्चा है।

अखिलेश यादव पहले भी सीटों की संख्या के बजाय जीत की क्षमता को प्राथमिकता देने की बात कह चुके हैं। मई 2026 की एक रिपोर्ट में भी सपा के इसी 'विनेबिलिटी' फॉर्मूले का उल्लेख किया गया था।

2022 में सपा को 111, कांग्रेस को मिली थीं 2 सीटें

2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 111 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 2 सीटें मिली थीं। उस चुनाव में राष्ट्रीय लोक दल ने 8 और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने 6 सीटें जीती थीं। ये आंकड़े 2022 के चुनाव परिणामों पर आधारित हैं।

2017 में सपा और कांग्रेस ने गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था और कांग्रेस ने 100 से अधिक सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इसी पुराने फॉर्मूले को आधार बनाकर कांग्रेस की ओर से अधिक सीटों की मांग की जा रही है। हालांकि, मौजूदा बातचीत में अंतिम सीट-समझौता अभी सामने नहीं आया है।

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सुभासपा और निषाद पार्टी पर भी नजर

इस बीच सुभासपा और निषाद पार्टी को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं। दोनों दल फिलहाल एनडीए का हिस्सा हैं। सितंबर में निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद और सपा के वरिष्ठ नेता माता प्रसाद पांडेय की मुलाकात भी हुई, जिसे संजय निषाद ने शिष्टाचार मुलाकात बताया था। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक अटकलों का दौर जरूर शुरू हुआ।

फिलहाल सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे का अंतिम फॉर्मूला घोषित नहीं हुआ है। ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच सीटों और उम्मीदवारों को लेकर होने वाली अगली बातचीत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Location :  Lucknow

Published :  17 September 2026, 12:10 PM IST

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