एनकाउंटर के खौफ से उड़ी नींद; गले में तख्ती बांधकर SSP ऑफिस पहुंचा शूटर, यूपी पुलिस को कर डाला हैरान

मेरठ में स्क्रैप कारोबारी पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपी शूटर रवीश पुलिस के डर से खुद SSP ऑफिस पहुंच गया। गले में तख्ती डालकर सरेंडर करने पहुंचे आरोपी ने दावा किया कि उसे डर था कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस उसके पैर में गोली मार सकती है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 13 September 2026, 2:46 PM IST
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Meerut : उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सख्ती का असर अब अपराधियों के बीच भी दिखाई देने लगा है। मेरठ में स्क्रैप कारोबारी पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपी एक शूटर खुद पुलिस के सामने सरेंडर करने SSP ऑफिस पहुंच गया। आरोपी रवीश गले में तख्ती बांधकर पुलिस कार्यालय पहुंचा और खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।

बताया जा रहा है कि रवीश को डर था कि अगर पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची तो एनकाउंटर के दौरान उसके पैर में गोली मार सकती है। इसी डर के चलते उसने फरार रहने के बजाय खुद पुलिस के सामने सरेंडर करने का फैसला किया।

गले में तख्ती डालकर पहुंचा SSP ऑफिस

रवीश जब SSP ऑफिस पहुंचा तो उसके गले में एक तख्ती लटकी हुई थी। उसने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। कैमरे पर आरोपी ने दावा किया कि उसे डर था कि पुलिस गिरफ्तारी के दौरान उसके पैर में गोली मार सकती है। इसी डर की वजह से उसने खुद पुलिस के सामने पहुंचना बेहतर समझा।

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उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अपराधियों को अपराध का रास्ता छोड़ने की चेतावनी देते रहे हैं। मेरठ की यह घटना इसी सख्त पुलिस कार्रवाई के बीच सामने आई है।

सीतापुर में घर में लगी आग

वहीं, उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया। गोपालपुर गांव में एक घर में अचानक आग लगने से 11 साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि उसकी मां और बहन गंभीर रूप से झुलस गईं।

पुलिस के मुताबिक, तीन कमरों के मकान में सुबह करीब 6 बजे आग लगी। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।

अस्पताल में बच्चे को मृत घोषित किया

आग लगने के समय परिवार के सदस्य अलग-अलग कमरों में सो रहे थे। इसी दौरान घर में आग और धुआं फैल गया। 11 वर्षीय कृष्णा गंभीर रूप से झुलस गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हादसे में कृष्णा की मां गौरी (40) और बहन काजल (17) भी गंभीर रूप से झुलस गईं। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें आगे के इलाज के लिए लखनऊ के उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया।

पड़ोसियों ने आग बुझाने में की मदद

आग और धुआं देखकर आसपास के लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। कुछ देर बाद दमकल की टीम भी मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया।

अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गेश कुमार सिंह के मुताबिक, शुरुआती जांच में मीटर बोर्ड में हुए शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संदिग्ध वजह माना जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Location :  Meerut

Published :  13 September 2026, 2:45 PM IST

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