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कुंडा तहसील में मंडलायुक्त का औचक निरीक्षण (IMG: Dynamite News)
Pratapgarh: संपूर्ण समाधान दिवस पर शनिवार को कुंडा तहसील में उस समय हड़कंप मच गया, जब मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने अचानक तहसील कार्यालय का निरीक्षण शुरू कर दिया। अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी से लेकर शिकायतों के निस्तारण और राजस्व वादों की स्थिति तक, मंडलायुक्त ने कई बिंदुओं पर जांच की। निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में लेखपालों की अनुपस्थिति, समाधान दिवस के रजिस्टरों में गड़बड़ी और 90 दिन से अधिक पुराने एक हजार से ज्यादा राजस्व वाद लंबित मिलने पर मंडलायुक्त ने सख्त रुख अपनाया। तहसीलदार समेत 11 अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. अपर आयुक्त त्रिभुवन और अन्य अधिकारियों के साथ कुंडा तहसील पहुंचे। उनके अचानक निरीक्षण से तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मंडलायुक्त ने सबसे पहले तहसील में आए फरियादियों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त के निरीक्षण के दौरान तहसील में बड़ी संख्या में लेखपालों के अनुपस्थित मिलने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। बताया गया कि लेखपालों की गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने एसडीएम कुंडा को लेखपाल एसोसिएशन के महामंत्री और मंत्री के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अन्य लापरवाह लेखपालों की भूमिका की भी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने जुलाई और अगस्त महीने के संपूर्ण समाधान दिवस के रजिस्टरों की भी जांच की। इस दौरान कई शिकायतों की आख्या अधूरी मिली। वहीं, एक ही क्रमांक की कई पंजीकरण रसीदें जारी किए जाने की बात भी सामने आई। रजिस्टरों में इस तरह की अनियमितता मिलने पर मंडलायुक्त ने संबंधित माल बाबू के खिलाफ एडवर्स एंट्री यानी प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने के निर्देश दिए।
कुंडा तहसील में राजस्व मामलों के निस्तारण की स्थिति भी मंडलायुक्त के निरीक्षण में सवालों के घेरे में रही। धारा 33 और 34 के वादों की समीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में मामले लंबित पाए गए। जांच में सामने आया कि धारा 34 के 90 दिन से अधिक पुराने एक हजार से ज्यादा मामले अभी तक लंबित हैं। लंबे समय से मामलों के निस्तारण नहीं होने पर मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा। बताया गया कि जिम्मेदार अधिकारी लंबित मामलों को लेकर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से अभिलेखों को दुरुस्त रखने और लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा। मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने एसडीएम कुंडा को निर्देश दिया कि तहसील में सभी अभिलेख तत्काल दुरुस्त कराए जाएं।
Location : Pratapgarh
Published : 19 September 2026, 6:02 PM IST