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धान की फसल पर मंडरा रहा खतरा
Gorakhpur: गोरखपुर के गोलाउपनगर क्षेत्र में जल निकासी की समस्या किसानों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। आरोप है कि पिछले तीन वर्षों से नाले की सफाई नहीं होने के कारण बरजिलवा ताल से पानी की निकासी बाधित है। बारिश का पानी आसपास के खेतों में जमा होने से हजारों एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हुई है। खेतों में खड़ी धान की फसल पानी में डूबने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
जलभराव की समस्या गोलाउपनगर के वार्ड नंबर एक अबरूस, वार्ड नंबर नौ गोपालपुर और वार्ड नंबर 15 देवकली के किसानों से जुड़ी है। किसानों के अनुसार इन तीनों वार्डों के बीच बरजिलवा ताल स्थित है, जिसके आसपास बड़े क्षेत्र में कृषि भूमि है।
बारिश के दौरान ताल का पानी नाले के रास्ते रामजानकी मार्ग होते हुए सरयू नदी में जाता है। लेकिन लंबे समय से नाले की सफाई नहीं होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई है। ताल का पानी अब खेतों की ओर फैल रहा है।
लगातार जलभराव के कारण कई खेतों में धान की फसल डूब गई है। किसानों का कहना है कि कई जगह फसल बर्बाद हो चुकी है, जबकि जिन खेतों में फसल बची है, वहां भी लंबे समय तक पानी जमा रहने से रोग लगने का खतरा बढ़ गया है।
किसानों की परेशानी सिर्फ मौजूदा धान की फसल तक सीमित नहीं है। यदि खेतों से समय पर पानी नहीं निकला तो अगली गेहूं की फसल की बुआई में भी देरी हो सकती है। इससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है।
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जल निकासी की समस्या से परेशान नागरिकों ने उपजिलाधिकारी गोला मनीष कुमार को प्रार्थना पत्र देकर तत्काल नाले की सफाई कराने और पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र देने वालों में विंध्याचल, जनार्दन, भीम चौहान, शिव कुमार, वीरेंद्र चौहान, मुरलीधर, सुरेश और दीपक सहित अन्य नागरिक शामिल रहे।
नागरिकों के अनुसार समस्या को लेकर नगर अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को भी पहले जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि रामजानकी मार्ग के निर्माण के दौरान गोला क्षेत्र में कई पुलिया बंद हो गईं। इससे पानी की निकासी और प्रभावित हुई है। किसानों और नागरिकों का कहना है कि यदि नाले की सफाई के साथ बंद पुलियों की समस्या का भी समाधान किया जाए तो जलभराव से राहत मिल सकती है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम गोला मनीष कुमार ने नाले की सफाई के लिए तत्काल नगर पंचायत को प्रार्थना पत्र भेजा है। अब स्थानीय किसानों और नागरिकों को उम्मीद है कि नाले की सफाई जल्द शुरू होगी और बरजिलवा ताल से पानी की निकासी बहाल हो सकेगी।
यदि जल निकासी जल्द दुरुस्त होती है तो जलमग्न धान की फसल को और नुकसान से बचाने के साथ ही आने वाले गेहूं के सीजन के लिए खेतों को समय पर तैयार करने में मदद मिल सकती है।
Location : Gorakhpur
Published : 20 September 2026, 3:30 PM IST
Topics : agriculture farmers Gorakhpur UP News Waterlogging