चाय बेचने वाले के नाम पर सालों से चल रही थी फर्जी मेडिकल यूनिवर्सिटी, छात्रों से करोड़ों की ठगी का आरोप

एटा में फर्जी मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी के कथित खेल ने पुलिस को भी चौंका दिया। जांच में जिस शख्स का नाम सामने आया, उसकी पहचान भी हैरान करने वाली है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई सवाल जांच के घेरे में हैं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 20 September 2026, 11:47 AM IST
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Etah: उत्तर प्रदेश के एटा में पुलिस ने ऐसे कथित फर्जी मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी का खुलासा किया है, जिसके नाम पर छात्रों को मेडिकल और पैरामेडिकल कोर्स में दाखिला दिलाने का दावा किया जा रहा था। हैरानी की बात यह है कि जिस व्यक्ति के नाम पर संस्थान को चलाया जा रहा था, वह चाय बेचने का काम करता है। मामला तब सामने आया जब कथित तौर पर यूनिवर्सिटी से जुड़े एक व्यक्ति के अपहरण की सूचना पुलिस तक पहुंची।

अपहरण की सूचना से शुरू हुई जांच

मामला मारहरा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, 16 सितंबर को रामसेवक ने डायल-112 पर सूचना दी कि उसके भाई सतेंद्र कुमार का कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया है और उसकी रिहाई के बदले फिरौती मांगी जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की और सतेंद्र को आगरा से सकुशल बरामद कर लिया।

इसके बाद पूछताछ और तकनीकी जांच में पुलिस के सामने कहानी का दूसरा पहलू आया। पुलिस का दावा है कि अपहरण की पूरी कहानी झूठी थी और सतेंद्र ने खुद अपने अपहरण की साजिश रची थी। जांच के मुताबिक, छात्रों से ली गई रकम लौटाने के दबाव के बीच कथित तौर पर यह ड्रामा रचा गया था।

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2022 से चल रहा था कथित फर्जी एडमिशन का खेल

पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2022 से ‘बीएस मेडिकल कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी’ के नाम से छात्रों को कई मेडिकल और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिला देने का दावा किया जा रहा था। इनमें D-Pharma, B-Pharma, BSc Nursing, DMLT, BMLT, GNM और ANM जैसे कोर्स बताए गए हैं।

आरोप है कि छात्रों और उनके परिवारों से फीस के नाम पर रकम ली जाती थी और बदले में डिग्री, मार्कशीट और दूसरे शैक्षणिक दस्तावेज देने का भरोसा दिया जाता था। पुलिस जांच में इस नेटवर्क से दो करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम की कथित ठगी की बात सामने आई है।

चाय बेचने वाले के नाम ने चौंकाया

मामले का सबसे हैरान करने वाला हिस्सा संस्थान के नाम और उससे जुड़े व्यक्ति को लेकर सामने आया। पुलिस के अनुसार, भगवान दास नाम के व्यक्ति के नाम पर कथित मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी को संचालित किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि भगवान दास चाय बेचने का काम करता है। अब जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि उसके नाम और पहचान का इस्तेमाल किस तरह किया गया।

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लैपटॉप से लेकर फर्जी मार्कशीट तक बरामद

पुलिस ने मामले में सतेंद्र कुमार, गौरव अग्रवाल, भगवान दास, नरेंद्र उर्फ पप्पू और मोहम्मद शरीफ कुरैशी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से लैपटॉप, छात्रों के आई-कार्ड, फीस रसीदें, अटेंडेंस शीट, प्रश्नपत्र, परीक्षा पुस्तिकाएं, कथित फर्जी मार्कशीट, मुहर, लेटर पैड और प्रचार सामग्री समेत कई दस्तावेज बरामद किए जाने की बात कही गई है।

पुलिस अब कथित फर्जी यूनिवर्सिटी से जुड़े दूसरे लोगों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों को अदालत के सामने पेश किया जा चुका है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ यह भी सामने आ सकता है कि इस कथित फर्जी संस्थान से कितने छात्र जुड़े थे और कितने लोगों से रकम ली गई थी।

Location :  Etah

Published :  20 September 2026, 11:28 AM IST

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