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फतेहपुर में विशेष अदालत का बड़ा फैसला (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Fatehpur: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में जमीन के एक छोटे से विवाद ने दो सगे भाइयों को जुर्म की ऐसी राह पर धकेल दिया कि वे इलाके के खूंखार दस्यु सरगना बन गए। रंजिश में बागी बने इन्हीं भाइयों के गैंग ने 29 साल पहले पुलिस पर ऐसा हमला किया था कि पूरा टीकर इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा था। इस चर्चित मामले में शनिवार को विशेष अदालत (डकैती प्रभावित) ने फैसला सुनाते हुए दोनों सगे भाइयों समेत तीन को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार उत्तम ने बताया कि मामला 21 अक्टूबर 1997 की रात का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुख्यात डकैत खुन्नी उर्फ राम सिंह शिवबोधन के डेरा में मौजूद है। सूचना पर तत्कालीन थानाध्यक्ष श्याम नारायण सरोज पुलिस टीम के साथ ट्रैक्टर से शिवबोधन के डेरा पर पहुंचे। पुलिस खुन्नी को पकड़कर ट्रैक्टर से लौट रही थी, तभी टीकर गांव के पास पहले से घात लगाए बैठे डकैतों ने ट्रैक्टर को घेर लिया और मूंज की आड़ में छिपकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
इस मुठभेड़ में असोथर थाने में तैनात सिपाही रामसेवक पासी निवासी मालापुर, थाना होलागढ़, जिला प्रयागराज की मौके पर ही गोली लगने से मौत हो गई थी, जबकि थानाध्यक्ष समेत 7 पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हो गए थे। इस घटना से पूरा टीकर गांव सहम गया था। थानाध्यक्ष ने सगे भाई डकैत सीताराम मौर्य, राधेश्याम मौर्य, फूल सिंह, धरम सिंह, छोटा सिंह, भूरा सिंह, रामराज और रमेश नोनिहा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
नब्बे के दशक में इन दोनों सगे भाइयों का करीब 14 लोगों का गिरोह सक्रिय था। असोथर के शिवप्रताप सिंह का डेरा समेत आसपास का जंगल इनकी शरणस्थली थी। पुलिस को कई मुठभेड़ों में चकमा देकर ये फरार हो जाते थे। पुलिस ने गैंग के सरगना सगे भाइयों और छोटा सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया और दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बाद में पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा था।कोर्ट ने सगे भाइयों समेत तीन डकैतों को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 32-32 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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धारा 302 आईपीसी, एससी/एसटी एक्ट में उम्रकैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माना, धारा 307 में 10 साल की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 147 में 1 साल की सजा और 1-1 हजार रुपये जुर्माना, धारा 148 में 2 साल की सजा और 1-1 हजार रुपये जुर्माना।
Location : Fatehpur
Published : 20 September 2026, 11:27 AM IST
Topics : Dacoit Gang Fatehpur Court Verdict fatehpur news life imprisonment Police Constable Murder Case