Agra Murder Case: घर में घुसकर चली थीं गोलियां, 7 साल बाद पिता-पुत्र और दो बेटियों समेत 5 दोषियों को उम्रकैद

Agra Murder Case: आगरा के मंटोला क्षेत्र में 2019 में घर में घुसकर गोली मारने से हुई युवक की मौत के मामले में अदालत ने पिता-पुत्र और दो बेटियों समेत पांच लोगों को दोषी करार दिया। एडीजे-1 अदालत ने सभी को उम्रकैद और 60-60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 20 September 2026, 10:22 AM IST
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Agra: आगरा के मंटोला थाना क्षेत्र के ढोलीखार में करीब सात साल पहले हुई युवक की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे-1 पुष्कर उपाध्याय की अदालत ने नसीरुद्दीन, उसके पुत्र कलीम और फहीम तथा पुत्रियों इशरत और किश्वर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी दोषियों पर 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

घर में चल रहा था बिजली फिटिंग का काम

मामला 1 अगस्त 2019 का है। अभियोजन के मुताबिक, ढोलीखार निवासी रुखसाना अपने परिजनों के साथ घर में बैठी थीं। उस समय घर में बिजली फिटिंग का काम चल रहा था। आरोप था कि इसी दौरान नसीरुद्दीन अपने बेटे कलीम, फहीम और बेटियों इशरत व किश्वर के साथ घर में घुस आया।

रुखसाना की तहरीर के मुताबिक, नसीरुद्दीन के कहने पर उसके बेटों ने उनके बेटे नजीर पर तमंचे से गोली चला दी।

बचाने आए भाई पर भी चली गोली

अभियोजन के अनुसार, नजीर को बचाने के लिए उसका भाई नजीब आगे आया तो उस पर भी गोली चला दी गई। परिवार की महिलाओं के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया था। आरोपियों ने परिवार को पुलिस में शिकायत करने पर धमकी देने की बात भी सामने आई थी।

शोर सुनकर परिवार का तीसरा बेटा मुशीर भी मौके पर पहुंचा। अभियोजन के मुताबिक, उस पर भी गोली चलाई गई, लेकिन वह बच गया। इसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

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इलाज के दौरान हुई युवक की मौत

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दोनों घायल युवकों को इलाज के लिए एसएन इमरजेंसी में भर्ती कराया। उपचार के दौरान 3 अगस्त 2019 को डॉक्टरों ने नजीब को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दूसरे घायल युवक की आंखों की रोशनी चले जाने की बात सामने आई।

पुलिस ने मामले की जांच के बाद कलीम और फहीम को 9 अगस्त 2019 को हिरासत में लिया। उनके कब्जे से तमंचे और कारतूस बरामद किए जाने की बात अभियोजन की ओर से अदालत में रखी गई।

12 गवाहों की हुई गवाही

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता समेत कुल 12 गवाह अदालत में पेश किए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने नसीरुद्दीन, कलीम, फहीम, इशरत और किश्वर को दोषी माना।

अदालत ने पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ 60-60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। फैसले के अनुसार जुर्माने की आधी राशि मृतक की मां को प्रतिकर के तौर पर दी जाएगी।

Location :  Agra

Published :  20 September 2026, 10:22 AM IST

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