“मैं सिया की खास सहेली माही हूं”, एक मैसेज ने खोला केतन हत्याकांड का राज, 5053 पन्नों की चार्जशीट में चौंकाने वाले खुलासे

पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में दाखिल 5,053 पन्नों की चार्जशीट ने मामले की कई परतें खोल दी हैं। पुलिस के मुताबिक, ‘माही’ नाम की फेक आईडी से केतन को लोहागढ़ बुलाया गया था।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 20 September 2026, 9:20 AM IST
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Pune: केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में सामने आई कहानी किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है। पुणे ग्रामीण पुलिस ने वडगांव मावल कोर्ट में 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें पुलिस ने केतन की मौत को हादसा नहीं, बल्कि कथित तौर पर पहले से रची गई साजिश बताया है। चार्जशीट में सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे को आरोपी बनाया गया है। जांच में डिजिटल चैट, मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, तस्वीरों और गवाहों के बयानों को भी शामिल किया गया है।

‘माही’ बनकर आया मैसेज और केतन को मिला न्योता

पुलिस के मुताबिक, साजिश में सबसे अहम कड़ी एक फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट था। आरोपियों ने ‘माही’ नाम से एक फेक इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाई। इसके लिए एक परिचित लड़की की तस्वीर का इस्तेमाल किए जाने की बात चार्जशीट में कही गई है। 18 जून को इसी अकाउंट से केतन को मैसेज भेजा गया। संदेश में खुद को सिया की खास दोस्त बताते हुए उसे सिया के जन्मदिन का सरप्राइज मनाने के लिए लोहागढ़ आने को कहा गया। पुलिस का आरोप है कि केतन इस झांसे में आ गया और सिया के साथ वहां पहुंच गया।

पहले भी लोहागढ़ ले जाने का आरोप

चार्जशीट में पुलिस ने दावा किया है कि 18 जून की घटना से पहले भी केतन को लोहागढ़ ले जाया गया था। 14 जून को कथित तौर पर उसे चट्टान से नीचे धक्का देने की कोशिश की गई, लेकिन वह एक झाड़ी पकड़कर बच गया। पुलिस के मुताबिक, उस समय मामला बिगड़ने से बचाने के लिए सिया ने सांप आने की बात कहकर स्थिति संभालने की कोशिश की। इसके बाद भी कथित साजिश रुकी नहीं और कुछ ही दिनों बाद केतन को दोबारा उसी इलाके में ले जाया गया।

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हत्या से पहले कई प्लान पर हुई चर्चा

जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में कथित साजिश पर मार्च 2026 से काम चल रहा था। शुरुआती योजना के बारे में पुलिस ने बताया कि केतन को मारने के बजाय उसे गंभीर रूप से घायल करने की बात सोची गई थी। इसके लिए कथित तौर पर बाहरी लोगों से संपर्क करने की कोशिश भी हुई, लेकिन यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी।

पुलिस के अनुसार, इसके बाद सिया, चेतन और रितेश पर खुद योजना बनाने का आरोप है। रितेश से जुड़े एक व्यक्ति को बाद में मामले में गवाह बनाए जाने की बात भी सामने आई है।

ChatGPT और इंटरनेट सर्च का भी जिक्र

इस केस का सबसे ज्यादा चर्चा में आया पहलू आरोपियों द्वारा कथित तौर पर ऑनलाइन जानकारी तलाशना है। चार्जशीट में कहा गया है कि आरोपियों ने जांच से बचने और सबूतों से जुड़े तरीकों के बारे में ChatGPT जैसे AI प्लेटफॉर्म पर सवाल किए। इसके अलावा क्राइम से जुड़े पॉडकास्ट और फिल्मों से जानकारी लेने की बात भी सामने आई है।

पुलिस ने सिया की ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री का भी जिक्र किया है। इसमें लोहागढ़ में पहले हुई एक मौत और सोनम रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ी जानकारी की खोज शामिल होने का दावा किया गया है। हालांकि, इन डिजिटल सर्च का वास्तविक कानूनी महत्व अदालत में सबूतों और उनकी व्याख्या के आधार पर तय होगा।

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टाइगर पॉइंट से लोहागढ़ तक की रेकी

चार्जशीट के मुताबिक, कथित योजना के दौरान कई पहाड़ी इलाकों पर नजर डाली गई। पुलिस का दावा है कि लोनावला के टाइगर पॉइंट समेत कुछ जगहों की रेकी की गई। वहां सीसीटीवी होने की जानकारी के बाद लोहागढ़ को चुने जाने की बात सामने आई है। जांच में यह भी सामने आया कि 18 जून से पहले केतन को कई बार लोहागढ़ ले जाने की कोशिश या योजना से जुड़े घटनाक्रम हुए। पुलिस के अनुसार, अंतिम वारदात में उसे जन्मदिन के सरप्राइज के बहाने वहां बुलाया गया। 5,053 पन्नों की चार्जशीट में व्हाट्सऐप चैट, तस्वीरें, मोबाइल फोन डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, तकनीकी विश्लेषण और गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं।

Location :  Pune

Published :  20 September 2026, 9:20 AM IST

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