पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो चला दी गोलियां, वाराणसी में इनामी नक्सली कमांडर का एनकाउंटर

वाराणसी में रविवार सुबह हुए एनकाउंटर ने सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान खींचा है। यूपी एटीएस के मुताबिक, 30 लाख रुपये का इनामी नक्सली कमांडर बृजेश गंझू मुठभेड़ में मारा गया।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 20 September 2026, 9:13 AM IST
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Varanasi: वाराणसी में रविवार सुबह हुई एक मुठभेड़ को लेकर बड़ी खबर है। यूपी एटीएस ने झारखंड के प्रतिबंधित संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) के कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया है। बृजेश पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। NIA के रिकॉर्ड में भी गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ बृजेश गंझू वांछित आरोपियों में दर्ज था।

टेंगरा मोड़ के पास हुई मुठभेड़

जानकारी के मुताबिक, मुठभेड़ वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में टेंगरा मोड़ स्थित लंका मैदान के पास सुबह करीब पांच बजे हुई। एटीएस को सूचना मिली थी कि बृजेश अपने एक साथी के साथ बाइक से वाराणसी से मुगलसराय की तरफ जाने वाला है। इसके बाद टीम ने इलाके में निगरानी और घेराबंदी शुरू की।

पुलिस के मुताबिक, बाइक नजर आने के बाद टीम ने उसे रुकने का इशारा किया। आरोप है कि इसके बाद बृजेश ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। घायल बृजेश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोली

मुठभेड़ के दौरान बृजेश की ओर से की गई फायरिंग में यूपी एटीएस के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगने की जानकारी सामने आई है। दोनों पुलिसकर्मी सुरक्षित बताए गए हैं। बृजेश के साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े सबूत जुटाने और मामले की आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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30 लाख रुपये का था इनाम

बृजेश गंझू झारखंड के चतरा जिले का रहने वाला बताया गया है। उस पर झारखंड सरकार ने 25 लाख रुपये और NIA ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। NIA की मोस्ट वांटेड सूची में उसका नाम गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ बृजेश गंझू के रूप में दर्ज है और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज बताए गए हैं।

बृजेश का नाम टंडवा से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में भी सामने आया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले में टीपीसी से जुड़े लोगों और कथित लेवी वसूली के जरिए फंडिंग की जांच की गई थी। हालांकि, इन मामलों से जुड़े आरोपों को उनके संबंधित रिकॉर्ड और जांच के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए। वाराणसी में हुई इस मुठभेड़ के बाद अब जांच एजेंसियों की नजर उसके फरार साथी और उससे जुड़े नेटवर्क पर है।

Location :  Varanasi

Published :  20 September 2026, 9:13 AM IST

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