राणा साहब और पंडित जी ने सरकारी अफसरों को बनाया बंधक, कहा- ‘खाना देंगे और बिस्तर भी, बस तेंदुआ पकड़कर लाओ’

मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र के रोनी हरजीपुर गांव में तेंदुए की दहशत से ग्रामीण परेशान हैं। शनिवार रात तलाश के लिए पहुंची वन विभाग की टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया और कहा कि खाना-बिस्तर सब देंगे, लेकिन तेंदुए को पकड़कर ही राहत दिलाएं...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 20 September 2026, 2:43 PM IST
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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर के चरथावल इलाके में तेंदुए की दहशत ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग जंगल और खेतों की तरफ जाने से डर रहे हैं। शनिवार रात तेंदुए की तलाश में पहुंची वन विभाग की टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया। ग्रामीणों ने साफ कहा कि टीम गांव में रुके, उनके साथ खाना खाए और रात में आराम करे, लेकिन जब तक तेंदुए को पकड़ नहीं लिया जाता, तब तक वापस न जाए।

कई दिनों से गांव में तेंदुए की आहट से दहशत

चरथावल के गांव रोनी हरजीपुर में पिछले कई दिनों से तेंदुए की मौजूदगी की खबरों से ग्रामीण परेशान हैं। बताया जा रहा है कि तेंदुआ आसपास के जंगलों में घूम रहा है और कई बार ग्रामीणों को उसकी आहट सुनाई दी है। इस समय खेतों में ईंख की फसल काफी बड़ी हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ अक्सर ईंख के खेतों में छिप जाता है और शाम या सुबह के समय बाहर निकलता है। शनिवार शाम भी तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग को जानकारी दी गई।

तलाश के लिए पहुंची टीम, खाली हाथ लौटने पर भड़के ग्रामीण

सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम गांव पहुंची और देर रात तक तेंदुए की तलाश करती रही। हालांकि काफी कोशिशों के बाद भी तेंदुआ नहीं मिला। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने वन विभाग की टीम को घेरकर बैठा लिया। ग्रामीणों ने कहा कि वे लंबे समय से तेंदुए के डर में जी रहे हैं और अब सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा।

ग्रामीण बोले- गांव में रहकर देखिए डर का माहौल

संघर्ष समिति के अध्यक्ष अंकुर राणा और धीर सिंह पुंडीर ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी और कर्मचारी गांव में रुककर खुद हालात देखें। ग्रामीणों ने कहा, "आपको खाना भी मिलेगा और सोने के लिए बिस्तर भी देंगे, लेकिन तेंदुए को तलाश कर पकड़िए और लोगों को राहत दीजिए।"

दिसंबर से बना हुआ है तेंदुए का डर

ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले साल दिसंबर से ही इलाके में तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही हैं। इसके बाद से लगातार ग्रामीण डर के माहौल में रह रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि लोग अब समूह बनाकर हाथों में लाठी-डंडे लेकर जंगल की तरफ जाते हैं। तेंदुआ खासतौर पर सुबह तड़के और शाम के समय दिखाई देता है।

पशुओं को भी घर के आंगन में बांधना बंद किया

तेंदुए के डर का असर ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ा है। लोगों ने घरों के आंगन में पशुओं को बांधना तक बंद कर दिया है। करम सिंह, संजू, राजकुमार पंडित, विजय राणा, रामवीर, अमित राणा, आदेश सागर, सिद्धार्थ सिंह और छोटा राणा समेत कई ग्रामीणों ने मांग की है कि सोमवार तक तेंदुए को पकड़कर समस्या का समाधान किया जाए।ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, तब तक गांव में डर का माहौल खत्म नहीं होगा।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  20 September 2026, 2:43 PM IST

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