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सपा प्रमुख अखिलेश यादव (सोर्स- एक्स)
Lucknow: समाजवादी पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में एक बार फिर बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कड़े निर्देशों के बाद एटा और कासगंज जिलों में राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। पार्टी की मजबूती और आंतरिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सपा की राज्य, प्रदेश कार्यकारिणी के साथ-साथ एटा और कासगंज की जिला इकाइयों को भी पूरी तरह से भंग कर दिया गया है।
इस बड़े संगठनात्मक फेरबदल की पुष्टि करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल की ओर से आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। यह आदेश 19 सितंबर 2026 की तारीख का है। प्रदेश अध्यक्ष के हस्ताक्षर से जारी इस पत्र के सामने आने के बाद से ही दोनों जिलों के राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई है। इस कार्रवाई के तहत एटा और कासगंज के मौजूदा जिलाध्यक्षों समेत पूरी जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है।
जिला कार्यकारिणी के अलावा इस कार्रवाई की जद में सपा के कई अन्य महत्वपूर्ण संगठन भी आए हैं। समाजवादी पार्टी के विभिन्न फ्रंटल संगठनों को भी भंग कर दिया गया है। इसके साथ ही, पार्टी की राज्य और प्रदेश कार्यकारिणी से जुड़े तमाम पदाधिकारियों को भी उनके पदों से कार्यमुक्त कर दिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष के इस निर्देश के बाद से संबंधित सभी पदाधिकारी तत्काल प्रभाव से अपने पदों और दायित्वों से मुक्त हो चुके हैं।
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सपा नेतृत्व द्वारा उठाए गए इस सख्त और अचानक कदम से स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। एटा और कासगंज दोनों ही जिलों में राजनीतिक दलों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी हाईकमान अब इन खाली हुई जगहों पर किन नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपता है। फिलहाल, इस बड़े फेरबदल के बाद सांगठनिक स्तर पर नए सिरे से तैयारी किए जाने की संभावना जताई जा रही है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भी आगे की रणनीतिक गतिविधियों को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
Location : Lucknow
Published : 20 September 2026, 2:38 PM IST