कौन देगा जवाब? समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जेल में और कार्यवाहक फरार घोषित, प्रतापगढ़ में कैसे जीतेंगे 2027 विधानसभा चुनाव?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रतापगढ़ समाजवादी पार्टी संगठनात्मक संकट से गुजर रही है। जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव जेल में हैं और कार्यवाहक जिलाध्यक्ष गुलशन यादव को प्रशासन ने भगोड़ा घोषित किया है। अब कार्यकर्ताओं की नजर सपा हाईकमान के फैसले पर टिकी है...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 20 September 2026, 3:35 PM IST
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Pratapgarh News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच प्रतापगढ़ में समाजवादी पार्टी संगठनात्मक संकट से जूझती नजर आ रही है। जिले में पार्टी के पास फिलहाल कोई सक्रिय और पूर्णकालिक जिलाध्यक्ष नहीं है। नेतृत्व की कमी के चलते स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता असमंजस में हैं। चुनावी माहौल बनने के बावजूद संगठन स्तर पर बड़े अभियान रफ्तार नहीं पकड़ पा रहे हैं।

जेल में जिलाध्यक्ष, कार्यवाहक पर भी संकट

सियासी चर्चा के मुताबिक, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रतापगढ़ जिले की कमान छविनाथ यादव को सौंपी थी। लेकिन पिछले कई महीनों से वह जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों के चलते वह संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका नहीं निभा पा रहे हैं। छविनाथ यादव के जेल जाने के बाद भी पार्टी ने उन्हें पद से नहीं हटाया। संगठन को चलाने के लिए उनके भाई गुलशन यादव को कार्यवाहक जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, अब गुलशन यादव को भी प्रशासन ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। उन पर कई मुकदमे दर्ज हैं और वह वांछित चल रहे हैं।

हाईकमान के फैसले का इंतजार

सपा ने हाल के दिनों में प्रदेश के कई जिलों में नए जिलाध्यक्षों की घोषणा की है, लेकिन प्रतापगढ़ को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। जिले में सपा के दो विधायक भी हैं। पट्टी विधानसभा सीट से राम सिंह पटेल और रानीगंज विधानसभा सीट से डॉ. आरके वर्मा सपा के टिकट पर निर्वाचित हुए हैं। इसके बावजूद जिला संगठन में नेतृत्व की कमी को लेकर कार्यकर्ताओं में चर्चा तेज है। स्थानीय नेताओं का मानना है कि चुनावी साल नजदीक होने के कारण जल्द ही संगठन को सक्रिय नेतृत्व की जरूरत है, ताकि बूथ स्तर तक तैयारियां तेज की जा सकें।

बड़े नेताओं के आने से कार्यकर्ताओं में उत्साह

हालांकि संगठन में नेतृत्व संकट के बावजूद पार्टी में नए नेताओं की एंट्री से कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा है। हाल ही में भाजपा से जुड़े रहे वीरापुर के पूर्व विधायक रामशिरोमणि शुक्ल अपने समर्थकों के साथ लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए। इसके अलावा भाजपा नेता विशालनाथ तिवारी ने भी सपा का दामन थाम लिया। इन नेताओं के शामिल होने से पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है, लेकिन संगठन को मजबूत करने के लिए एक सक्रिय जिलाध्यक्ष की मांग भी लगातार उठ रही है।

कभी राजा भैया के करीबी रहे हैं छविनाथ यादव

सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव का राजनीतिक सफर भी चर्चा में रहा है। वह कभी कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के समर्थक के तौर पर राजनीति में सक्रिय थे।बाद में दोनों के बीच मतभेद हुए और छविनाथ यादव ने राजा भैया से दूरी बना ली। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी का रुख किया। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने सपा के टिकट पर राजा भैया के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब प्रतापगढ़ सपा में संगठन की कमान किसे मिलेगी, इस पर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं की नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह फैसला पार्टी की चुनावी रणनीति के लिए अहम माना जा रहा है।

Location :  Pratapgarh

Published :  20 September 2026, 3:35 PM IST

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