हिंदी
गोरखपुर जनपद की खजनी विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी (सपा) के टिकट को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भले ही चुनाव की औपचारिक घोषणा अभी दूर हो, लेकिन संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता से साफ है कि सियासी पारा अभी से चढ़ चुका है।
सात दावेदारों ने तेज किया जनसंपर्क
Gorakhpur: गोरखपुर जनपद की खजनी विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी (सपा) के टिकट को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भले ही चुनाव की औपचारिक घोषणा अभी दूर हो, लेकिन संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता से साफ है कि सियासी पारा अभी से चढ़ चुका है। सपा के दावेदार गांव-गांव, टोला-मोहल्लों और जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में जुटे हैं। हर कोई संगठन और जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
खजनी विधानसभा के सात प्रमुख दावेदारों में सबसे आगे रूपवती बेलदार का नाम चर्चा में है। जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़, सामाजिक समीकरणों में संतुलन और लगातार सक्रिय जनसंपर्क के चलते उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है। रूपवती बेलदार पहले भी खजनी विधानसभा से दो बार चुनाव लड़ चुकी हैं, जिससे उन्हें क्षेत्र की राजनीति का अच्छा अनुभव है। यही वजह है कि पार्टी के भीतर और बाहर उनका नाम पहले स्थान पर लिया जा रहा है।
Banda Police: महीनों से गायब थे मोबाइल, फिर अचानक हुआ ऐसा कि लौट आई जनता की मुस्कान
दूसरे क्रम पर अछैबर प्रसाद रंजन का नाम सामने आ रहा है। वे लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय रहकर संगठन को मजबूत करने और जनता से संवाद बनाए रखने में जुटे हैं। कार्यकर्ताओं के बीच उनकी स्वीकार्यता को भी उनकी दावेदारी की बड़ी ताकत माना जा रहा है। तीसरे नंबर पर घनश्याम राव का नाम चर्चा में है, जिनकी छवि एक कर्मठ, सुलझे हुए और मिलनसार नेता की रही है। क्षेत्र में उनकी व्यक्तिगत पकड़ और सामाजिक संबंध भी उन्हें मजबूती प्रदान करते हैं।
चौथे स्थान पर विद्यासागर उर्फ छोटू तेजी से उभरते नजर आ रहे हैं। युवाओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ है और वे लगातार कार्यक्रमों, बैठकों और जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से सक्रिय बने हुए हैं। विद्यासागर उर्फ छोटू दो बार खजनी विधानसभा से चुनाव लड़कर अपना राजनीतिक भाग्य आजमा चुके हैं, जिससे उन्हें भी अनुभव का लाभ मिल रहा है। पांचवें क्रम पर जीएन लाल हैं, जो अपने लंबे राजनीतिक अनुभव और पुराने संबंधों के सहारे दावेदारी पेश कर रहे हैं। छठवें स्थान पर राजू और सातवें स्थान पर विजय भाई भी पीछे नहीं हैं। दोनों ही नेता लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं और जनता से सीधे संवाद स्थापित कर अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।
इलाहाबाद, नैनीताल समेत तीन उच्च न्यायालयों में जजों की नियुक्ति, देखिये सूची
कुल मिलाकर खजनी विधानसभा में सपा के टिकट को लेकर अंदरूनी प्रतिस्पर्धा अपने चरम पर है। दावेदारों की बढ़ती सक्रियता से यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होंगी। अब सभी की निगाहें पार्टी नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं कि आखिर खजनी से किस चेहरे को चुनावी मैदान में उतारा जाएगा।