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उत्तर प्रदेश में सीबीआई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए यूपी ग्रामीण बैंक के मैनेजर और कर्मचारी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत ऋण की दूसरी किश्त देने के बदले 15 हजार रुपये मांगे गए थे।
सीबीआई की बड़ी कार्रवाई (Img: Google)
Basti: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। हाल ही में जीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़े जाने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब सीबीआई ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
इस बार निशाने पर यूपी ग्रामीण बैंक के अधिकारी आए हैं, जहां एक दुकानदार से रिश्वत लेते बैंक मैनेजर और कर्मचारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।
सीबीआई ने मंगलवार को बस्ती जिले की यूपी ग्रामीण बैंक की मखौड़ाधाम शाखा में छापा मारकर शाखा प्रबंधक नवीन सिंह कुलदीप और कर्मचारी अनिल कुमार को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत ऋण की दूसरी किश्त जारी करने के बदले 15 हजार रुपये की मांग की थी। सीबीआई ने शिकायत की पुष्टि के बाद जाल बिछाकर दोनों को पकड़ा।
पांवड़ गांव निवासी सचिन मौर्या ने इस पूरे मामले की शिकायत सीबीआई के एसपी से की थी। सचिन की बेरता चौराहा पर दुकान है और वह अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए यूपी ग्रामीण बैंक से पांच लाख रुपये का ऋण लेना चाहता था। उसे पहली किश्त के रूप में 2 लाख 72 हजार रुपये मिल चुके थे, लेकिन शेष राशि की दूसरी किश्त के लिए बैंक प्रबंधन रिश्वत की मांग कर रहा था।
शिकायत के अनुसार, बैंक मैनेजर नवीन सिंह ने साफ तौर पर कहा था कि यदि कर्मचारी अनिल कुमार को 15 हजार रुपये नहीं दिए गए, तो दूसरी किश्त जारी नहीं होगी। मजबूरी में सचिन ने सीबीआई का सहारा लिया। सीबीआई की टीम ने पूरी योजना बनाकर मखौड़ाधाम शाखा में छापा मारा और दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
सीबीआई ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और बुधवार को उन्हें संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है और बैंक से जुड़े अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।
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गौरतलब है कि इससे एक सप्ताह पहले झांसी में सीजीएसटी विभाग में 70 लाख रुपये की रिश्वत का बड़ा मामला सामने आया था। उस दौरान सीबीआई ने डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के इशारे पर घूस ले रहे दो अधीक्षकों को गिरफ्तार किया था। इस केस में कुल पांच आरोपी पकड़े गए थे, जिनमें एक कारोबारी और एक वकील भी शामिल थे। इस मामले में तीन अफसरों को निलंबित किया जा चुका है।