Magh Gupt Navratri 2026: 19 जनवरी से शुरू होगी माघ गुप्त नवरात्रि, जानें घटस्थापना मुहूर्त, नियम और महत्व

Magh Gupt Navratri 2026 की शुरुआत 19 जनवरी से हो रही है। जानें गुप्त नवरात्रि की सही तिथि, घटस्थापना मुहूर्त, पूजा विधि, नियम और इस नौ दिवसीय पर्व का धार्मिक व आध्यात्मिक महत्व।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 6 January 2026, 3:32 PM IST
google-preferred

New Delhi: माघ महीने में आने वाली गुप्त नवरात्रि माता की दस महाविद्याओं को समर्पित मानी जाती है। इस नवरात्रि को “गुप्त” इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें साधना और पूजा बाहरी दिखावे के बजाय गुप्त रूप से की जाती है। अघोरी, तांत्रिक और साधक वर्ग के लिए माघ गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व होता है।

मान्यता है कि इन नौ दिनों में की गई साधना से दुर्लभ सिद्धियों और आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति होती है। साल 2026 में माघ गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी से शुरू हो रही है। यह समय साधना, आत्मशुद्धि और मां भगवती की कृपा पाने के लिए बेहद खास माना जा रहा है।

माघ गुप्त नवरात्रि 2026 की तिथि

माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 जनवरी 2026 को सुबह 01:21 बजे शुरू होगी और 20 जनवरी 2026 को सुबह 02:14 बजे समाप्त होगी। इसी प्रतिपदा से गुप्त नवरात्रि का आरंभ माना जाएगा। यह नवरात्रि 19 जनवरी से 28 जनवरी 2026 तक रहेगी।

घटस्थापना मुहूर्त 2026

गुप्त नवरात्रि में घटस्थापना का विशेष महत्व होता है।

घटस्थापना मुहूर्त: सुबह 07:14 से 10:46 बजे तक

अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:11 से 12:53 बजे तक

इस समय कलश स्थापना करने से साधना में सफलता और सकारात्मक फल मिलने की मान्यता है।

Sharadiya Navratri 2025: फतेहपुर में नवरात्रि छठे दिन, मंदिरों-पंडालों में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब

माघ गुप्त नवरात्रि की तिथियां

  • 19 जनवरी 2026: प्रतिपदा
  • 20 जनवरी 2026: द्वितीया
  • 21 जनवरी 2026: तृतीया
  • 22 जनवरी 2026: चतुर्थी
  • 23 जनवरी 2026: पंचमी
  • 24 जनवरी 2026: षष्ठी
  • 25 जनवरी 2026: सप्तमी
  • 26 जनवरी 2026: अष्टमी
  • 27 जनवरी 2026: नवमी
  • 28 जनवरी 2026: नवरात्रि व्रत पारण

माघ गुप्त नवरात्रि का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुप्त नवरात्रि के दौरान मां की दस महाविद्याओं की उपासना की जाती है। यह समय तंत्र साधना, मंत्र सिद्धि और आत्मिक उन्नति के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। गृहस्थ जीवन में रहने वाले भक्त भी इस दौरान माता की सामान्य पूजा कर सकते हैं और मानसिक शांति व जीवन में सकारात्मक बदलाव पा सकते हैं।

नवरात्रि 2026 कैलेंडर: कब है चैत्र, शारदीय और गुप्त नवरात्रि, जानें मुहूर्त और महत्व

माघ गुप्त नवरात्रि के नियम

  • गुप्त नवरात्रि में कुछ नियमों का पालन करना बेहद आवश्यक माना गया है।
  • इन नौ दिनों में मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज और तामसिक भोजन से परहेज करें।
  • झूठ, क्रोध और अहंकार से दूर रहें।
  • बुजुर्गों और महिलाओं का सम्मान करें, किसी का दिल न दुखाएं।
  • व्रत रखने वालों को नमक का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • पूजा काल में बाल, दाढ़ी और नाखून काटना वर्जित माना जाता है।
  • गृहस्थ लोग किसी के अहित के उद्देश्य से तांत्रिक पूजा न करें, क्योंकि एक छोटी सी भूल भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

कुल मिलाकर, माघ गुप्त नवरात्रि 2026 साधना, संयम और आस्था का पर्व है। सही विधि और नियमों के साथ की गई पूजा से जीवन में शांति, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 6 January 2026, 3:32 PM IST

Related News

No related posts found.

Advertisement
Advertisement