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गोरखपुर में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हत्या और हत्या के प्रयास में शामिल सात शातिर अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया है। इस कार्रवाई को इलाके में अपराधियों के खौफ को खत्म करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
Gorakhpur Police
Gorakhpur: खूनी वारदातें, खुलेआम धमकियां और इलाके में फैला डर। गोरखपुर में लंबे समय से सक्रिय एक संगठित अपराधी गिरोह ने कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती खड़ी कर दी थी। लेकिन अब गोरखपुर पुलिस ने इस गिरोह पर ऐसा शिकंजा कसा है, जिससे अपराध की दुनिया में खलबली मच गई है। हत्या और हत्या के प्रयास जैसे जघन्य मामलों में लिप्त सात शातिर अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की गई है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई
थाना एम्स, जनपद गोरखपुर में उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एवं असामाजिक क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर की गई। पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैंट के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा ने इस पूरे अभियान को अंजाम दिया।
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गिरोह का सरगना और उसका नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक इस गिरोह का सरगना आशीष पाण्डेय है, जो अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या, हत्या का प्रयास, अवैध हथियारों का इस्तेमाल, मारपीट और भयादोहन जैसी घटनाओं को अंजाम देता रहा है। इस गिरोह की वजह से इलाके में आम लोग दहशत में जी रहे थे और उनके खिलाफ बोलने से भी कतराते थे।
लंबा आपराधिक इतिहास
गैंग लीडर आशीष पाण्डेय निवासी रामनाथ देवरिया के खिलाफ हत्या, दहेज हत्या, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। वहीं गिरोह के अन्य सदस्य अनुराग गुप्ता, अनुराग पाण्डेय उर्फ अंशू, विशाल गुप्ता उर्फ श्री गुप्ता उर्फ महाकाल, रोहित गुप्ता, आलोक सिंह उर्फ विपिन सिंह और विकास गुप्ता भी गंभीर आपराधिक मामलों में पहले से शामिल रहे हैं। इन सभी के खिलाफ गोरखपुर के थाना एम्स के अलावा देवरिया और लखनऊ के विभिन्न थानों में दर्जनों केस दर्ज हैं।
दहशत फैलाने का तरीका
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह पूरी योजना के साथ वारदातों को अंजाम देता था और अपने प्रभाव के बल पर इलाके में डर का माहौल बनाए हुए था। गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई इस कार्रवाई से न सिर्फ गिरोह की आर्थिक और आपराधिक रीढ़ टूटेगी, बल्कि आम नागरिकों को भी सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।
पुलिस का साफ संदेश
वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कहा है कि गोरखपुर में संगठित अपराध के लिए कोई जगह नहीं है। अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आगे भी ऐसी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे कानून-व्यवस्था और ज्यादा मजबूत हो सके।