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गोरखपुर में पशु तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार शातिर अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया है। लंबे समय से सक्रिय इस गिरोह पर कार्रवाई को अपराध नियंत्रण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
Gorakhpur: खून, तस्करी और खौफ के साये में चल रहा एक संगठित नेटवर्क। गोरखपुर की सड़कों और ग्रामीण इलाकों में पशु तस्करी का यह काला कारोबार लंबे समय से कानून को खुली चुनौती दे रहा था। लेकिन अब गोरखपुर पुलिस ने इस नेटवर्क पर ऐसा वार किया है, जिससे अपराधियों के हौसले पस्त हो गए हैं। जनपद में संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने पशु तस्करी से जुड़े एक बड़े गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई कर दी है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई
थाना एम्स जनपद गोरखपुर में पशु तस्करी जैसे जघन्य अपराध में लिप्त चार शातिर अपराधियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम यानी गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई।
कौन हैं आरोपी
पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैंट के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा द्वारा गैंग लीडर सतीश यादव और उसके तीन सक्रिय सहयोगियों जवाहिर यादव, रोजिद अंसारी और तौसीफ आलम के खिलाफ कार्रवाई की गई। जिला मजिस्ट्रेट गोरखपुर द्वारा अनुमोदित गैंग चार्ट के आधार पर यह केस दर्ज कराया गया है।
अपराधों का लंबा काला इतिहास
पुलिस के मुताबिक गैंग लीडर सतीश यादव अपने गिरोह के साथ मिलकर लंबे समय से पशु तस्करी, गौवध, पशु क्रूरता, आर्म्स एक्ट, लूट, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल रहा है। इलाके में उसका इतना आतंक था कि आम लोग उसके खिलाफ बोलने से भी डरते थे। सतीश यादव पर गोरखपुर, कुशीनगर समेत कई जनपदों में तीन दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।
सहयोगी भी कम नहीं
गिरोह के अन्य सदस्य जवाहिर यादव, रोजिद अंसारी और तौसीफ आलम भी पशु तस्करी, अवैध हथियारों और हिंसक घटनाओं में लगातार लिप्त पाए गए हैं। इनके खिलाफ भी विभिन्न थानों में दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो इनके संगठित अपराध में सक्रिय भूमिका को दर्शाते हैं।
पुलिस का सख्त संदेश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से पशु तस्करी के संगठित गिरोह की कमर तोड़ने में बड़ी सफलता मिली है। गोरखपुर पुलिस ने साफ कहा है कि अपराध और अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।