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सिरसा गांव की निक्की भाटी की जलाकर हत्या के बहुचर्चित मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेठ रोहित भाटी को जमानत दे दी है। कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर रोहित की प्रत्यक्ष भूमिका के ठोस सबूत नहीं हैं। इस फैसले के बाद मामले ने नया कानूनी मोड़ ले लिया है।
निक्की और विपिन
Greater Noida: रात के अंधेरे में जली एक चिता, परिवार के भीतर लगे हत्या के आरोप और महीनों से जेल में बंद आरोपी। सिरसा गांव के निक्की भाटी हत्याकांड ने जिस तरह पूरे इलाके को दहला दिया था, अब उसी केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले ने नई बहस छेड़ दी है। हाईकोर्ट ने इस सनसनीखेज मामले में मृतका के जेठ रोहित भाटी को जमानत दे दी है, जिससे केस की दिशा और सियासत दोनों गरमा गई हैं।
हाईकोर्ट का अहम फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट की एकलपीठ, न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने अपने आदेश में कहा कि इस स्तर पर अभियोजन पक्ष के साक्ष्य रोहित भाटी की प्रत्यक्ष संलिप्तता को स्पष्ट रूप से साबित नहीं करते। कोर्ट का मानना था कि केवल पारिवारिक रिश्तों और सामान्य आरोपों के आधार पर किसी को लंबे समय तक जेल में रखना न्यायसंगत नहीं है, इसलिए रोहित को जमानत का लाभ दिया गया।

क्या है पूरा मामला
यह मामला 22 अगस्त 2025 को कासना कोतवाली में दर्ज हुआ था। मृतका की बहन कंचन ने एफआईआर में आरोप लगाया था कि 21 अगस्त की शाम निक्की के पति विपिन, सास दया, ससुर सत्यवीर और जेठ रोहित ने मिलकर उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसने के बाद इलाज के दौरान निक्की की मौत हो गई थी, जिससे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था।
जांच में आए चौंकाने वाले बयान
विवेचना के दौरान पुलिस को शुरुआती बयानों में बड़ा मोड़ मिला। अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों ने बताया कि निक्की ने इलाज के समय कहा था कि वह गैस सिलेंडर फटने से झुलसी है। बाद में परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और पारिवारिक आरोपों के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
गिरफ्तारी और जमानत की लड़ाई
पुलिस ने पति विपिन को 23 अगस्त को गिरफ्तार किया था और उसकी निशानदेही पर थिनर की बोतल बरामद की गई थी। इसके बाद सास, ससुर और जेठ को भी जेल भेजा गया। सत्र न्यायालय से रोहित और सत्यवीर की जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं, जिसके बाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया।
शनिवार तक रिहाई के आसार
आरोपियों के वकीलों का कहना है कि गुरुवार को जमानती दाखिल होने के बाद औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी और सब कुछ ठीक रहा तो शनिवार तक रोहित भाटी जेल से बाहर आ सकते हैं। वहीं, मृतका के परिवार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान कर दिया है।