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जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत थाना चिलुआताल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। त्वरित कार्रवाई और तकनीकी दक्षता के चलते साइबर सेल की टीम ने ठगों की चाल पर पानी फेर दिया।
गोरखपुर पुलिस ने पीड़ित के रुपए लौटाए
Gorakhpur: जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत थाना चिलुआताल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। त्वरित कार्रवाई और तकनीकी दक्षता के चलते साइबर सेल की टीम ने ठगों की चाल पर पानी फेर दिया। पुलिस ने ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए एक पीड़ित के खाते में कुल ₹29,882.40 की धनराशि वापस कराई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद गोरखपुर डॉ कौस्तुभ के निर्देश पर साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक अपराध के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष चिलुआताल के नेतृत्व में साइबर सेल टीम ने त्वरित कदम उठाए।
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जानकारी के अनुसार पीड़ित ने थाना चिलुआताल में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि एक अज्ञात साइबर अपराधी ने फोन कर खुद को परिचित बताते हुए कहा कि उसका भाई, जो विदेश में रहता है, गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे तुरंत ₹30,000 भेजने होंगे, तभी रिहाई संभव है। भाई की चिंता में घबराए पीड़ित ने बिना पुष्टि किए बताए गए खाते में ₹30,000 ट्रांसफर कर दिए।
कुछ देर बाद जब उसने परिजनों से संपर्क किया तो पता चला कि भाई सुरक्षित है और कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। तब उसे अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।
सूचना मिलते ही थाना चिलुआताल की साइबर सेल टीम हरकत में आई। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर तत्काल शिकायत दर्ज कर संबंधित खाते को होल्ड कराया गया। तत्पश्चात न्यायालय के आदेश के आधार पर कुल ₹29,882.40 की धनराशि पीड़ित के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई।
थानाध्यक्ष सूरज सिंह, वउनि शैलेन्द्र कुमार, उनि (साइबर नोडल) सच्चिदानन्द पाण्डेय, कम्प्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-बी अविराम आरक्षी सत्येंद्र शामिल रहे।
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पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें तथा संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने से संपर्क करें। पुलिस ने कहा कि यदि समय रहते साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई जाए तो धनराशि की वापसी संभव है।