कानपुर में 5 रुपये के ट्रांजेक्शन ने कैसे बदल दी दंपति की जिंदगी? 11 ट्रांजेक्शन में उड़ गए 8.47 लाख रुपये

कानपुर में डॉक्टर अपॉइंटमेंट के नाम पर साइबर ठगी, दंपति से 8.47 लाख रुपये उड़ाए गए। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 20 April 2026, 8:45 PM IST
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Kanpur: कानपुर नगर से साइबर अपराध का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां एक साधारण डॉक्टर अपॉइंटमेंट की कोशिश एक दंपति के लिए भारी पड़ गई। साइबर ठगों ने बेहद शातिर तरीके से उन्हें अपने जाल में फंसाया और बैंक खाते से लाखों रुपये साफ कर दिए। इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते खतरे की ओर इशारा किया है।

डॉक्टर खोजते ही बिछा जाल

विनायकपुर निवासी अशोक कुमार पाठक ने 17 अप्रैल को गूगल पर डॉक्टर का नंबर सर्च किया था। जैसे ही उन्होंने मिले नंबर पर कॉल किया, सामने से बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को क्लिनिक का प्रतिनिधि बताया। बातचीत के दौरान उसे भरोसा दिलाया गया कि अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया व्हाट्सऐप के जरिए पूरी की जाएगी और इसी बहाने एक फाइल भेज दी गई।

फर्जी फाइल और अपॉइंटमेंट आईडी का खेल

पीड़ित ने जैसे ही व्हाट्सऐप पर आई फाइल डाउनलोड की, उनसे कुछ सामान्य जानकारी भरवाई गई। इसके बाद उन्हें एक अपॉइंटमेंट आईडी भी जारी कर दी गई। जिससे उन्हें पूरी प्रक्रिया असली लगने लगी। इसके बाद मामूली 5 रुपये का भुगतान करने को कहा गया। यह इस पूरे फ्रॉड का सबसे बड़ा जाल साबित हुआ।

पिन डालते ही खाली हो गया बैंक अकाउंट

भुगतान के दौरान जैसे ही पीड़ित ने अपने ट्रांजेक्शन का पिन डाला, उसी समय उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद साइबर अपराधियों ने तेजी से खाते में सेंध लगानी शुरू कर दी। एफआईआर के अनुसार कुल 11 अनधिकृत ट्रांजेक्शन किए गए और पंजाब नेशनल बैंक खाते से 8,47,909 रुपये निकाल लिए गए।

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शिकायत के बाद पुलिस जांच में जुटी

घटना का एहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद साइबर क्राइम थाना कानपुर में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

डिजिटल ट्रेल खंगाल रही पुलिस

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह एक सुनियोजित साइबर फ्रॉड का मामला है। जिसमें फर्जी लिंक और ऐप के जरिए मोबाइल एक्सेस हासिल किया गया। जांच टीम अब डिजिटल ट्रेल खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान व लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।

Location :  Kanpur

Published :  20 April 2026, 8:45 PM IST

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