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मृतक (Img: Google)
Kanpur: उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों के साथ-साथ कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। गोविंद नगर थाना क्षेत्र के नंदलाल चौराहे के पास हुए एक भीषण हादसे में फैक्टरी कर्मी बाबूराम बाजपेई की मौत हो गई। वह पिछले चार दिनों से अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे, लेकिन सोमवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया।
मृतक बाबूराम (52) Saket Nagar के निवासी थे और दादा नगर स्थित एक निजी फैक्टरी में काम करते थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। परिवार के मुताबिक, 15 अप्रैल की शाम वह रोज की तरह फैक्टरी से पैदल घर लौट रहे थे। जब वह नंदलाल चौराहे के पास पहुंचे, तभी बसपा नेता की एक तेज रफ्तार और बेकाबू फॉर्च्यूनर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह फॉर्च्यूनर पहले एक स्कूटी सवार को टक्कर मार चुकी थी और फिर पीछे से बाबूराम को कुचलते हुए दूसरी कार से जा टकराई। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और आसपास के लोग जमा हो गए।
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घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने आरोपी चालक को पकड़ लिया। परिजनों का आरोप है कि चालक नशे में धुत था और लोगों ने उसकी मौके पर ही पिटाई कर दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और चालक को हिरासत में लेकर गाड़ी को कब्जे में लिया।
हालांकि, यहीं से मामला विवादित हो गया। मृतक के बेटे कन्हैया का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी चालक को थाने ले जाकर छोड़ दिया। परिवार का कहना है कि अगर उस समय सख्त कार्रवाई होती, तो न्याय की उम्मीद मजबूत होती।
हादसे के बाद बाबूराम को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चार दिनों तक उनका इलाज चला, लेकिन उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। सोमवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया, जिससे परिवार में कोहराम मच गया।
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घटना के बाद कानपुर पुलिस ने मृतक के बेटे की तहरीर पर फॉर्च्यूनर के नंबर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि आरोपी की गिरफ्तारी और उसके खिलाफ कार्रवाई को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
Location : Kanpur
Published : 20 April 2026, 3:12 PM IST