महराजगंज में शिक्षकों की आवाज बुलंद, डीएम को सौंपा गया ज्ञापन

महराजगंज में शिक्षकों ने जनगणना 2026 में ड्यूटी के बढ़ते दबाव और भीषण गर्मी को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने कार्यभार कम करने और स्कूल टाइम बदलने की मांग की है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 20 April 2026, 7:14 PM IST
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Maharajganj : जिले में शिक्षकों की समस्याओं को लेकर एक बार फिर आवाज तेज हो गई है। जनगणना 2026 की तैयारियों के बीच बढ़ते प्रशासनिक दबाव और भीषण गर्मी ने शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर महिला शिक्षक संघ की अगुवाई में शिक्षकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल समाधान की मांग की है। डीएम को सौंपा गया ज्ञापन

जनगणना ड्यूटी से बढ़ा दबाव

महराजगंज में शिक्षकों ने अपनी अलग-अलग समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी के सामने मजबूती से अपनी बात रखी। दिए गए ज्ञापन में सबसे बड़ा मुद्दा जनगणना 2026 के दौरान शिक्षकों पर बढ़ते कार्यभार का रहा। शिक्षकों का कहना है कि बड़ी संख्या में उन्हें प्रशासनिक कार्यों में लगाया जा रहा है, जिससे उनकी मूल जिम्मेदारी यानी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर यही स्थिति रही तो शिक्षा व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

इन शिक्षकों को ड्यूटी से छूट देने की मांग

ज्ञापन में खास तौर पर यह मांग उठाई गई कि दिव्यांग शिक्षकों, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे शिक्षकों और गर्भवती महिला शिक्षिकाओं को जनगणना ड्यूटी से पूरी तरह छूट दी जाए। इसके अलावा छोटे बच्चों की देखभाल कर रही महिला कर्मियों को भी इस कार्य से राहत देने की बात कही गई। शिक्षकों ने यह भी सुझाव दिया कि जिनकी रिटायरमेंट में केवल दो साल बचे हैं। उन्हें भी इस जिम्मेदारी से मुक्त रखा जाए।

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मानदेय और सुविधाओं को लेकर उठी आवाज

शिक्षकों ने प्रशासन से यह भी मांग की कि जनगणना जैसे बड़े काम में कार्यभार का संतुलित बंटवारा किया जाए। जिससे किसी एक वर्ग पर अधिक दबाव न पड़े। साथ ही उन्होंने शासनादेश के अनुसार उचित मानदेय और प्रतिकर अवकाश देने की भी मांग रखी। सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवागमन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

भीषण गर्मी में स्कूल टाइम बदलने की मांग

इसी के साथ बढ़ती गर्मी और लू को देखते हुए परिषदीय विद्यालयों के समय में बदलाव की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। वर्तमान में सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चल रहे स्कूल टाइम को बच्चों और शिक्षकों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक बताया गया। शिक्षकों ने सुझाव दिया कि स्कूल का समय घटाकर सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जाए। जैसा कि कोविड-19 से पहले होता था।

शिक्षकों ने दी चेतावनी

ज्ञापन सौंपने के दौरान वंदना त्रिपाठी, डॉ. अनामिका, वसीम बानो, नेहा सिंह और सरिता यादव सहित कई महिला शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। सभी ने एक सुर में कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो शिक्षकों पर मानसिक और शारीरिक दबाव और बढ़ेगा। जिससे पढ़ाई का स्तर भी प्रभावित हो सकता है।

Location :  Maharajganj

Published :  20 April 2026, 7:14 PM IST

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