योगी के बयान पर अखिलेश यादव का पलटवार, बोले- CM के “करप्ट माउथ” होने की वजह…

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर शब्दों की जंग ने नया मोड़ ले लिया है। विश्व पर्यावरण दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'टोंटी' वाली टिप्पणी पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखा पलटवार किया है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 6 June 2026, 1:23 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक बयान दिया जिसके बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखा पलटवार किया है। दोनों नेताओं के बीच शुरू हुई यह जुबानी जंग अब राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन गई है।

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में जल संरक्षण और हर घर नल योजना का जिक्र करते हुए बिना किसी का नाम लिए कहा था कि सरकार हर घर तक पानी पहुंचाने का काम कर रही है, लेकिन कुछ लोग टोंटी चोरी कर लेते हैं और कुछ लोग उसे खुला छोड़ देते हैं।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर किया पलटवार

मुख्यमंत्री के बयान के कुछ समय बाद ही अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक लंबी पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी भाषा और व्यवहार पर सवाल उठाए।

अखिलेश यादव ने लिखा कि विज्ञान के अनुसार किशोरावस्था में कुछ प्रकार की आदतें व्यक्ति की समझने और बोलने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। वहीं मनोविज्ञान के अनुसार बचपन और युवावस्था के अनुभव व्यक्ति के व्यक्तित्व और व्यवहार पर गहरी छाप छोड़ते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए मुख्यमंत्री को "करप्ट माउथ" कहा।

सीएम योगी के पुराने जीवन का भी किया जिक्र

अपने पोस्ट में अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राजनीतिक जीवन से पहले के दौर का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि 1990 के दशक में अजय सिंह बिष्ट (योगी आदित्यनाथ का पूर्व नाम) अपने परिवार के परिवहन व्यवसाय से जुड़े थे।

अखिलेश ने विभिन्न मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि उस समय उनके परिवार के पास बसें और ट्रक थे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या उसी दौर में ऐसी भाषा और व्यवहार विकसित हुआ, जो आज सार्वजनिक जीवन में दिखाई देता है। हालांकि, अखिलेश यादव द्वारा किए गए इन दावों पर मुख्यमंत्री कार्यालय या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

महंत बनने की प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल

सपा प्रमुख ने अपनी पोस्ट में गोरखनाथ मठ के उत्तराधिकार को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि अजय सिंह बिष्ट को महंत अवैद्यनाथ का उत्तराधिकारी बनाने के पीछे क्या केवल योग्यता थी या रिश्तेदारी का भी प्रभाव था।अखिलेश यादव ने यह भी सवाल उठाया कि क्या मठ के महंत चयन की कोई औपचारिक चुनाव प्रक्रिया हुई थी। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को पहले धार्मिक संस्था का नेतृत्व और बाद में राजनीतिक अवसर मिलते हैं, तो इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

Location :  Lucknow

Published :  6 June 2026, 1:23 PM IST

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