“दीदी को ले आओ प्लीज…” छोटे रुद्रव की बात ने सबको रुला दिया, त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में सन्नाटा

त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में दो मासूम बच्चियों रिद्धि और सिद्धि की दर्दनाक मौत के बाद घर का माहौल सन्न है। छोटा भाई रुद्रव अपनी बहनों और पिता को लगातार ढूंढ रहा है, जबकि मां रेशमा हर सवाल का जवाब झूठ से दे रही हैं। हजारों रुपये खर्च कर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी इस भयावह घटना को रोक नहीं सके। परिवार पूरी तरह टूट चुका है और इलाके में गुस्सा व सदमा है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 20 April 2026, 2:24 PM IST
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Kanpur: त्रिमूर्ति अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर जी-4 में रविवार शाम का माहौल किसी भारी सन्नाटे से कम नहीं था। वही कमरे, वही दीवारें, वही खिड़कियां लेकिन घर की रौनक कहे जाने वाली दो मासूम बच्चियां रिद्धि और सिद्धि अब वहां नहीं थीं। घर में सिर्फ उनकी यादें और एक टूटता हुआ परिवार रह गया है। छोटा भाई रुद्रव बार-बार अपनी दोनों बहनों और पिता को ढूंढता रहा, लेकिन हर बार उसे खाली हाथ लौटना पड़ा। उसकी मासूमियत और सवालों ने घर के हर सदस्य को अंदर तक हिला दिया।

“मेरे सारे खिलौने ले लो, दीदी को ले आओ…”

मां रेशमा अपने बेटे को समझाने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन बच्चे के सवालों का उनके पास कोई जवाब नहीं था। उन्होंने उसे बहलाने के लिए कहा कि वह अपनी बहनों से नाराज थीं क्योंकि वह खिलौने नहीं देते थे, इसलिए चली गईं। लेकिन इस बात पर रुद्रव फूट-फूटकर रो पड़ा और बोला “मम्मा मेरे सारे खिलौने ले लो, लेकिन दीदी को ले आओ प्लीज…” यह सुनकर मां रेशमा खुद को रोक नहीं पाईं और बेटे को गले लगाकर रो पड़ीं। घर का हर कोना उस दर्द को महसूस कर रहा था।

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सच छुपाने की मजबूरी और टूटता परिवार

रेशमा बताती हैं कि उनका बेटा सुबह से लगातार अपनी बहनों और पिता के बारे में पूछ रहा है। वह सच बताने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहीं, इसलिए हर बार उसे कोई न कोई कहानी सुनाकर टाल देती हैं। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन सुबह जब पुलिस आई, तब रुद्रव उनके पास ही सो रहा था। जब वह जागा तो उसने पुलिस देखकर पूछा कि “पुलिस अंकल क्यों आए हैं?” लेकिन धीरे-धीरे उसे सच्चाई बतानी पड़ी कि उसकी दोनों बहनें अब इस दुनिया में नहीं हैं और पिता ऑफिस गए हैं।

कैमरों से लैस घर

दवा कंपनी में सेल्स मैनेजर शशिरंजन ने अपने परिवार की सुरक्षा के लिए पूरे फ्लैट में सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे थे। करीब 2BHK फ्लैट में ड्राइंग रूम, किचन, बेडरूम और लॉबी समेत कई जगह कैमरे लगे थे। यहां तक कि फ्लैट के बाहर भी सुरक्षा कैमरे लगाए गए थे। लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिस कमरे में यह दर्दनाक घटना हुई, वहां भी कैमरा मौजूद था। इसके बावजूद दो मासूम बच्चियों की जान नहीं बचाई जा सकी। यह घटना अब सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।

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परिवार की स्थिति और पुराना दर्द

रेशमा ने बताया कि सास गीता मिश्रा की मौत पिछले साल हो चुकी थी, जिसके बाद पति का व्यवहार काफी बदल गया था। वह चिड़चिड़े हो गए थे, लेकिन कभी यह अंदेशा नहीं था कि हालात इतने भयावह हो जाएंगे। अगर पहले से अंदाजा होता तो वह अपनी बेटियों को कभी अकेला नहीं छोड़तीं।

Location :  Kanpur

Published :  20 April 2026, 2:24 PM IST

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