Gorakhpur: पुश्तैनी जमीन से लेकर रेलवे मुआवज़े तक, खजनी में बड़े भाई पर 43.75 लाख हड़पने का आरोप; पढ़ें पूरा मामला

गोरखपुर के खजनी थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपने बड़े भाई पर पिता की पुश्तैनी जमीन, पेंशन और 43.75 लाख रुपये रेलवे मुआवज़ा हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने थाने में शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

Gorakhpur: जनपद गोरखपुर के खजनी थाना क्षेत्र से एक गंभीर पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपने सगे बड़े भाई पर पिता की संपत्ति, पेंशन और रेलवे मुआवज़े की पूरी रकम हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ित ने थाने में दिया प्रार्थना-पत्र

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बेलडॉड़, पोस्ट सरयातिवारी, थाना खजनी निवासी श्यामलेश यादव पुत्र स्वर्गीय रामजीत यादव ने थाना अध्यक्ष खजनी को लिखित प्रार्थना-पत्र देकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

दो भाइयों के बीच उपजा विवाद

पीड़ित श्यामलेश यादव ने बताया कि वह और उसका बड़ा भाई कमलेश यादव दो सगे भाई हैं। परिवार में इसके अलावा दो बहनें भी हैं, जिनके बच्चे अभी छोटे हैं। पिता स्वर्गीय रामजीत यादव रेलवे विभाग में कर्मचारी थे और सेवा निवृत्ति के बाद पेंशन प्राप्त कर रहे थे।

पेंशन और खातों पर बड़े भाई का नियंत्रण

आरोप है कि पिता के जीवित रहते ही उनकी पेंशन और अन्य रेलवे लाभ बड़े भाई कमलेश यादव द्वारा ही निकाले जाते थे। धीरे-धीरे पिता की उम्र और स्वास्थ्य का लाभ उठाकर बड़े भाई ने सभी आर्थिक मामलों पर एकाधिकार कर लिया।

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पुश्तैनी जमीन पत्नी के नाम कराने का आरोप

पीड़ित का आरोप है कि पिता को बहला-फुसलाकर लगभग 6 डिसमिल पुश्तैनी जमीन, जिस पर दो मंजिला मकान बना हुआ है, बड़े भाई ने अपनी पत्नी के नाम बैनामा करा लिया। यह जमीन पूर्व में पिता के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज थी।

रेलवे मुआवज़े की बड़ी रकम भी हड़पी

श्यामलेश यादव ने बताया कि ग्राम सोहरा स्थित पुश्तैनी जमीन से रेलवे लाइन गुजरने के कारण सरकार द्वारा 43,75,000 रुपये का मुआवज़ा स्वर्गीय पिता के नाम स्वीकृत हुआ था। यह धनराशि दिनांक 6 जनवरी 2026 को पिता के बैंक खाते में आई।

खजनी थाना क्षेत्र (Img- Internet)

बीमारी का फायदा उठाकर निकाली रकम

पीड़ित का आरोप है कि उस समय पिता की उम्र लगभग 80 वर्ष थी और उनकी तबीयत बेहद खराब थी। बावजूद इसके, बड़े भाई ने कथित रूप से पूरे मुआवज़े की रकम निकाल ली और परिवार के किसी भी सदस्य को हिस्सा नहीं दिया।

पिता के निधन के बाद भी नहीं मिला हिस्सा

पीड़ित के अनुसार, पिता का 28 जनवरी 2026 को निधन हो गया, लेकिन इसके बाद भी बड़े भाई ने संपत्ति और धनराशि में हिस्सेदारी देने से साफ इनकार कर दिया। जब भी हिस्सा मांगा गया, तो धमकी दी गई।

धमकी और दबाव का भी आरोप

श्यामलेश यादव ने आरोप लगाया कि बड़े भाई द्वारा कहा जाता है कि “जो करना हो कर लो”, जिससे परिवार भय के माहौल में है। पीड़ित ने पुलिस से सुरक्षा और न्याय की मांग की है।

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पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग

पीड़ित ने थाना खजनी में शिकायत दर्ज कराते हुए संपत्ति, मुआवज़ा राशि और पेंशन से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच कर न्यायोचित बंटवारे और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 1 February 2026, 1:22 PM IST

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