जिस जेल से भागना था नामुमकिन, वहीं से फरार हो गया बंदी! अब जेलर समेत 5 पर गिरी गाज

गोरखपुर जिला कारागार से बंदी के फरार होने के मामले में कारागार विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। डीजी जेल के निर्देश पर जेलर समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। सभी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही को कार्रवाई की वजह माना गया है।

Gorakhpur: जिला कारागार से बंदी के फरार होने के मामले में उत्तर प्रदेश कारागार विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। घटना के बाद जेल प्रशासन की जिम्मेदारी तय करते हुए जेलर समेत पांच कारागार कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। डीजी कारागार के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई से जेल महकमे में हड़कंप मच गया है।

जेलर समेत इन पांच कर्मचारियों पर कार्रवाई

निलंबित किए गए कारागार कर्मियों में जेलर अरुण कुमार, हेड जेल वार्डर ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, जेल वार्डर जितेन्द्र कुमार गौतम, जितेन्द्र कुमार दुबे और रामजीत सिंह शामिल हैं।

विभाग की ओर से प्रथम दृष्टया माना गया है कि बंदी के फरार होने की घटना सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही के चलते हुई। इसी आधार पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है।

दुष्कर्म और पॉक्सो मामले में बंद था आरोपी

बताया गया कि गोरखपुर जिला कारागार से जिस बंदी के फरार होने की घटना सामने आई थी, वह दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में निरुद्ध था। बंदी के फरार होने की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन और जिला स्तर के अधिकारियों में हड़कंप मच गया था।

घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के साथ ही संवेदनशील स्थानों और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की।

शासन को भेजी गई थी रिपोर्ट

घटना की जांच के बाद संबंधित अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट तैयार कर शासन और कारागार मुख्यालय को भेजी गई। रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद डीजी कारागार ने प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए पांच कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसके साथ ही सभी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने का आदेश भी दिया गया है। जांच में यदि किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

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प्रदेश की जेलों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

गोरखपुर की घटना के बाद प्रदेश की अन्य जेलों में भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी गई है। कारागार विभाग ने जेल अधीक्षकों और जेलरों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा बंदियों की नियमित गिनती, निगरानी व्यवस्था और संवेदनशील बैरकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। विभाग अब ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में जुटा है।

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विभागीय जांच से खुलेगा लापरवाही का राज

गोरखपुर जेल फरारी मामले में हुई कार्रवाई को कारागार विभाग की जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब विभागीय जांच की रिपोर्ट का इंतजार है। जांच से यह स्पष्ट होगा कि सुरक्षा व्यवस्था में चूक किस स्तर पर हुई और बंदी के फरार होने के लिए अंतिम रूप से कौन जिम्मेदार था।

Location :  Gorakhpur

Published :  1 August 2026, 12:49 PM IST

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