8 साल से जिस फैसले का था इंतजार… आखिर कोर्ट ने सुना ही दिया बड़ा फैसला

गोरखपुर के वर्ष 2016 के चर्चित हत्याकांड में अदालत ने चार दोषियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 13,500 रुपये का जुर्माना लगाया। ऑपरेशन कनविक्शन के तहत पुलिस की प्रभावी विवेचना और मजबूत पैरवी से अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में सफल रहा, जिससे पीड़ित परिवार को वर्षों बाद न्याय मिला।

Gorakhpur:  जनपद गोरखपुर में वर्ष 2016 में दर्ज एक चर्चित हत्याकांड मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश (एएसजे/यूपीएसईबी) की अदालत ने हत्या के मामले में चार अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 13,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इस फैसले को उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कनविक्शन अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

ऑपरेशन कनविक्शन के तहत मिली सफलता

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में थाना पिपराईच पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और पैरोकारों ने इस मामले में लगातार प्रभावी पैरवी की। न्यायालय में मजबूत साक्ष्य और गवाहों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए जाने के कारण अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध कराने में सफल रहा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गंभीर अपराधों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के लिए ऑपरेशन कनविक्शन अभियान लगातार चलाया जा रहा है।

2016 में दर्ज हुआ था हत्या का मुकदमा

पुलिस के अनुसार थाना पिपराईच में वर्ष 2016 में मु.अ.सं. 255/2016 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34, 452, 323/34, 352 और 506 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी साक्ष्यों, गवाहों और दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया। सुनवाई पूरी होने के बाद चारों आरोपियों को दोषी ठहराया गया।

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चारों दोषियों को मिली उम्रकैद

न्यायालय ने राजेन्द्र पासवान, ओमप्रकाश उर्फ प्रकाश, मुरारी पासवान और जितेन्द्र पासवान, सभी निवासी ग्राम बेलाकाटा, थाना पिपराईच, जनपद गोरखपुर को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 13,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया।

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पीड़ित पक्ष को वर्षों बाद मिला न्याय

पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मुकदमे में अपर शासकीय अधिवक्ता श्रद्धानन्द पाण्डेय और रविन्द्र सिंह ने प्रभावी पैरवी की। मजबूत साक्ष्य, गवाहों की सटीक प्रस्तुति और सतत न्यायिक निगरानी के चलते अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध कराने में सफल रहा। अदालत के इस फैसले से गंभीर अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश गया है और पीड़ित परिवार को लगभग आठ वर्ष बाद न्याय मिल सका। पुलिस ने इसे कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया की बड़ी उपलब्धि बताया है।

Location :  Gorakhpur

Published :  1 August 2026, 8:26 AM IST

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